Sort by:
| Discussions | Replies | Latest Activity |
|---|---|---|
मकरन्द छंद "कन्हैया वंदना"(मकरन्द छंद) किशन कन्हैया, ब्रज रखवैया, भव-भय दुख हर, घट घट वासी।ब्रज वनचारी, गउ हितकारी, अजर अमर अज, सत अविनासी।।अतिसय मैला, अघ ज… Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' |
0 | May 14, 2021 |
चामर छन्द "मुरलीधर छवि"चामर छन्द "मुरलीधर छवि" गोप-नार संग नन्दलालजू बिराजते।मोर पंख माथ पीत वस्त्र गात साजते।रास के सुरम्य गीत गौ रँभा रँभा कहे।कोकिला मयूर कीर… Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' |
0 | May 9, 2021 |
लावणी छन्द (ईश गरिमा)लावणी छन्द (ईश गरिमा) तेरी ईश सृष्टि की महिमा, अद्भुत बड़ी निराली है;कहीं शीत है कहीं ग्रीष्म है, या बसन्त की लाली है।जग के जड़ चेतन जितने भ… Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' |
1 |
May 3, 2021 Reply by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" |
पञ्चचामर छन्द, श्री हनुमान वंदनाउपासना करें सभी,महाबली कपीश की,विराट दिव्य रूप की,दयानिधान ईश की।कराल काल जाल से, प्रभो उबार लीजिये,अपार भक्ति दान की,कृपा सदैव कीजिये। प्… Started by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" |
2 |
May 3, 2021 Reply by शुचिता अग्रवाल "शुचिसंदीप" |
मरहठा छंद "कृष्ण लीलामृत"मरहठा छंद "कृष्ण लीलामृत" धरती जब व्याकुल, हरि भी आकुल, हो कर लें अवतार।कर कृपा भक्त पर, दुख जग के हर, दूर करें भू भार।।द्वापर युग में जब,… Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' |
0 | Apr 26, 2021 |
भक्तिरस के दोहे :भक्तिरस के दोहे : देना हो तो दीजिए, प्रभु ऐसा वरदान। मुख से निकले राम जब, प्राण करें प्रस्थान।1। पाना हो जो राम तो , बन जाओ हनुमान। अंतर्… Started by Sushil Sarna |
2 |
Aug 13, 2020 Reply by Sushil Sarna |
गणपति वंदनागणपति महाराजा, पूर्ण करो काजा, दयावंत, दयाधारी. गौरी नंदन , दूर करो क्रंदन, जाऊँ मैं बलिहारी. रिद्धि-सिद्धि के स्वामी, अंतर्यामी, तुम हो… Started by Anita Sharma |
0 | Oct 5, 2018 |
तुलसी : एक सच्चे गुरुतुलसी :एक सच्चे गुरु 'उमा कहेउ मैं अनुभव अपना. सत हरि भजन जगत सब सपना.' इस एक चौपाई में संतकवि तुलसी जीवन के उस परम सत्य से साक्षात् कराते… Started by Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' |
0 | Aug 25, 2018 |
जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया(छंद-उड़ियाना पद, विधान- उड़ियाना-12, 10 अंत में एक गुरू, उड़ियाना पद 12,12,12,10 अंत में एक गुरू) जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया जपत रटत रा… Started by रमेश कुमार चौहान |
0 | May 31, 2018 |
हरो बाधा सभी हनुमन........हरो बाधा सभी हनुमन..... विधाता छंद हरो बाधा सभी हनुमन.........शरण मैं आपकी आया। करो मुझपर कृपा ऐसी,....विमल हो बुद्धि मन काया।। नमन करता सद… Started by Satyanarayan Singh |
0 | Apr 1, 2018 |
आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |
3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |
4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)
5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |
© 2026 Created by Admin.
Powered by
महत्वपूर्ण लिंक्स :- ग़ज़ल की कक्षा ग़ज़ल की बातें ग़ज़ल से सम्बंधित शब्द और उनके अर्थ रदीफ़ काफ़िया बहर परिचय और मात्रा गणना बहर के भेद व तकतीअ
ओपन बुक्स ऑनलाइन डाट कॉम साहित्यकारों व पाठकों का एक साझा मंच है, इस मंच पर प्रकाशित सभी लेख, रचनाएँ और विचार उनकी निजी सम्पत्ति हैं जिससे सहमत होना ओबीओ प्रबन्धन के लिये आवश्यक नहीं है | लेखक या प्रबन्धन की अनुमति के बिना ओबीओ पर प्रकाशित सामग्रियों का किसी भी रूप में प्रयोग करना वर्जित है |