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भोजपुरी साहित्य Discussions (248)

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भोजपुरी दोहा : संजीव वर्मा 'सलिल'

दोहा का रंग भोजपुरी के संग: संजीव वर्मा 'सलिल' सोना दहल अगनि में, जैसे होल सुवर्ण. भाव बिम्ब कल्पना छुअल, आखर भयल सुपर्ण.. * सरस सरल जब-…

Started by sanjiv verma 'salil'

0 Jan 23, 2013

मुख्य प्रबंधक

कम उमिर में बियाह के फायदा (भोजपुरी व्यंग)

कम उमिर में बियाह के फायदा (भोजपुरी व्यंग)   ललउ काका आजू खीस में आग भउरा भईल रहन, आपन बड़का लईका के मन भर गाजत रहन, हमरा बात ना बुझाइल त त…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

7 Dec 24, 2012
Reply by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

मुख्य प्रबंधक

भोजपुरी भाषा के संवैधानिक मान्यता देवे के राह के तकनिकी बाधा दूर भईल : आर के सिंह

नई दिल्ली 12 दिसम्बर 2012, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के आमंत्रण पर बिहार भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष प्रो रविकांत दुबे जी भोजपुरी भाषा के भारतीय…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

3 Dec 15, 2012
Reply by mrs manjari pandey

लघुकथा : बियाह कटवा

शुक्ला जी गाँव के चौउराहा प पहुँच के, एने-ओने ताके लगले ! जईसे कुछ खोजत होखस ! फेर जाके बरगद के पेड़ तर बईठल एगो आदमी से पूछने, “ई हुशियार प…

Started by पीयूष द्विवेदी भारत

8 Dec 8, 2012
Reply by पीयूष द्विवेदी भारत

हास्य कविता : नवहा मलिकाईन

दिन  भर महभारत  बांचेली ! हमरी  कपार   पर  नांचेली ! अपनी मांगन पर अड़ जाली ! जे मना करी हम लड़ जाली ! कहें हमसे कि जीन्स ले आव, हम नाही पहिन…

Started by पीयूष द्विवेदी भारत

6 Nov 10, 2012
Reply by पीयूष द्विवेदी भारत

सदस्य टीम प्रबंधन

दिवाली : पाँच दोहे (भोजपुरी).. . // सौरभ

नकबेसर के टोह में, अँगुरी मींजे रात । उहे दिवाली आजु ले, सिहरन पारे बात ॥ जम-दीया आ सूप से, भइल दलिद्दर दूर । पुलक गइल घर-देहरी, जगर-मगर…

Started by Saurabh Pandey

4 Nov 7, 2012
Reply by Saurabh Pandey

हँस मत पगली ना त प्यार हो जाई

नैना लडी त दिल के बुखार हो जाई हँस मत पगली ना त प्यार हो जाई भुखीयाँ प्यास तोहरा नाही लागी सुतलो मे ई तोहार अखीयाँ जागी हर चेहरा मे उनके द…

Started by Bishwajit yadav

7 Oct 20, 2012
Reply by Bishwajit yadav

मुख्य प्रबंधक

एगो प्रयास : भोजपुरी "कह मुकरी"

एगो प्रयास : भोजपुरी "कह मुकरी" (१) चोरी छुपे मोहे ताकत बाड़न, टुकुर-टुकुर निहारत बाड़न, कहेलन रानी खालs पिज्जा, ऐ सखी दुलहा, ना रे जीजा !…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

19 Oct 12, 2012
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

मुख्य प्रबंधक

एगो प्रयोग :- भोजपुरी हाइकू

पांच गो भोजपुरी हाइकू (१) यू पी चुनाव शुरू बा कांव कांव जागल गाँव (२) हाथी तोपाई करकस बोलाई हाथों जोड़ाई (३) नेता के फ़ौज लफंगन के मौज…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

20 Oct 12, 2012
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

मुख्य प्रबंधक

जलहरण घनाक्षरी : आम आदमी (भोजपुरी )

जलहरण घनाक्षरी : आम आदमी (भोजपुरी ) चकरी में जोरू संग, दराला आम आदमी, रोज-रोज चउक प, बिकेला आम आदमी |खाली बस चुनाव में, आवेला उ धियान में,ज…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

14 Oct 12, 2012
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

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"प्रिय अशोक कुमार जी,रचना को मान देने के लिए हार्दिक आभार। -- विजय"
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"नमस्ते, सौरभ जी। आपने सही कहा.. मेरा यहाँ आना कठिन हो गया था।       …"
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"प्रिय सौरभ भाई, नमस्ते।आपका यह नवगीत अनोल्हा है। कई बार पढ़ा, निहित भावना को मन में गहरे उतारा।…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post आदमी क्या आदमी को जानता है -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई रवि जी सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति का संज्ञान देर से लेने के लिए क्षमा चाहता.हूँ।…"
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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
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