For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आम असो आइल बा 

खूब बउराइल बा 

काँच बने चटनी त 

सतुआ घोराइल बा 

मावस ना बारी मा 

बिजुरी बराइल बा 

हाथ, हाथी, सायकिल 

सभे अगराइल बा 

जाति, धरम आ जवार 

गणित बिसराइल बा 

भाँज कवन भँजी ' आम ' 

अकिल अझुराइल बा 

- - प्रमोद श्रीवास्तव - - 

मौलिक व अप्रकाशित 

Views: 1054

Replies to This Discussion

सुंदर रचना के लिए बहुत बधाई सादर

आभार  आपका आदरणीय वर्मा जी।

मात्रिक ग़ज़ल कहे के कोरसिस बुझाता, आदरणीय प्रमोद जी, जेकरा अनुसार हर मिसरा में छौ गो गाफ़ के चाल बा. बाकिर रउआ एह मंच के परिपाटी के अनुसार अपना प्रस्तुति का सङे बहर के वजन जरूर दिहल करीं.

शुभकामना

 

आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी,  बहर आ बहर के बजन का होला अउर किसे दिहल जाला सीखल चाहीला, सादर। 

भाईजी, रउआ गाङाजी के घाट प ई जोहत लउक रहल बानीं जे पानी कहवाँ मीली !..

एह मंच प गजल के लगले आ ओकर अरूज़ सिखावे के एक-से एक लेख बाड़न सऽ.  पढ़त जाईं आ सीखत जाईं. आ दोसर गजलकारन के हिन्दी गजलओ के देखत-पढ़त ढेर बूझे आ बुझाए के कारन बनीं.  एही पाना के इस्क्रौलडाउन करत जाईं, आखिरी में गजल केकुछ हाइपरलिंक मिलिहें सऽ. ओह लिंकवन के खोलि के देखीं जे का लेखवा का कहत बाड़न सऽ

सादर

रउरे देखवल राहि पर चलि के गाङा जी के पानी पी के जेतना बुझाइल ह ओकरे सङे पहिलका  "अकिल अझुराइल बा" मे फेलुन  फेलुन  फेलुन फे पर कढ़ले बानी । तनी देखिती - 

 आम असो गभुआइल बा                    गभुआइल - नव सृजन प्रक्रिया मे 

खूब बउर भरुआइल बा                       भरुआइल -टसर के कपड़े की तरह ( रेशमी आभा मे ) 

काँच बने चटनी चटका 

सतुअन थार सनाइल बा 

मावस ना बगिया बिजुरी 

सूरज उरज बराइल बा                                  उरज - ऊर्जा 

हाथ अ हाथिन सैकिलहा

देखि सभे अगराइल बा 

जाति, जवार, धरम गेंड़ल                                    गेंड़ल -घेरा बनाया हुआ 

गाथ गुनल बिसराइल बा 

" आम " कहाँ भजिहें भाँजी 

अस अकिला अझुराइल बा                                 अकिला -अकील बहादुर 

-- - प्रमोद श्रीवास्तव 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
4 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
4 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
5 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
5 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
5 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आजकल खूब हो रहा है ये चलन और कभी कभी विवाद भी। आपकी चिरपरिचित शैली में विचारोत्तेजक लघुकथा। बधाई…"
5 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"समसामयिक विषय है ये। रियायत को ठुकराकर अपनी काबलियत से आगे बढ़ना अच्छा है,पर इतना स्वाभिमान कम ही…"
5 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब। हार्दिक स्वागत आदरणीय मनन कुमार सिंह जी। समसामयिक और सदाबहार विषय और मुद्दों पर सकारात्मक और…"
6 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"चाहतें (लघुकथा) : बार-बार मना करने पर भी 'इच्छा' ने अपनी सहेली 'तमन्ना' को…"
6 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service