For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"मुखियाजी, ई स्साला रॉकिया ’कुक्कुरजात’ के इज्जत खराब करे प तुलल बा."
"अरे का भइल रे शेरुआ..... तनिका सोझ-सोझ बताउ.."
"मुखियाजी, ई ससुरा काल्हु राह चलता एगो छोट लइका के बेमतलबे काटि लिहलस"
"हँ रेऽऽऽ ? सही बात ?.....," मुखियाजी गरजले.
"मुखियाजी, गलती भ गइल.. दरअसल उ लइकवा के गोड़ से एगो ढेला लड़ि के हमरा लागि गइल आ हमरा बुझाइल जे ऊ जान-बुझिके मरलस हऽ. एही भरम में हबका गईल."
"हूँऽऽऽ.. समझ-बुझि के नू कवनो काम करे के चाहीं, ना त हमनी भा ’आदमजात’ में का अंतर रहि जाई ? ओइसहूँ ई बात पंचायत में कौ हाली कहाइल बा जे मेहरारू, छोट लइकन आ बूढ़-पुरनिया के गलतियों प नइखे काटे के.. बाकिर तहनी लउंडा-लफाड़ी के त कुछऊ सुनाते नइखे.. दिन-प-दिन तहनी प ’अदमीपन’ हावी भइल जा रहल बा. हम फेनु कहि रहल बानी.. सुधर जा स, ना त कहियो ’अदमी’ के मउअत मरबs सऽ.."
"माफ़ क दीं मुखियाजी, आगा से अइसन गलती कबो ना होखी."

मौलिक व अप्रकाशित
पिछला पोस्ट ==> भोजपुरी लघुकथा : लक्षुमन रेखा

Views: 503

Replies to This Discussion

कुत्तई को अच्छे से प्रोटेक्ट किया है मुखिया जी ने ... :)

प्रतिक्रिया खातिर आभार भाई वीनस जी.

दिन-प-दिन तहनी प ’अदमीपन’ हावी भइल जा रहल बा. हम फेनु कहि रहल बानी.. सुधर जा स, ना त कहियो ’अदमी’ के मउअत मरबs सऽ.." ....हा....हा.....हा आनंद आ गया ,सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय इं गणेश जी "बागी" सर , हार्दिक बधाई !

आदरणीय हरी प्रकाश दुबे जी, राउर सराहना मिलल, लघुकथा सफल बुझाए लागल, आभार.

जबरदस्त लघुकथा, बहुत बहुत बधाई ।

सराहना खातिर बहुते आभार आदरणीय श्याम नारायन वर्मा जी.

एगो आउर धांसू रचना पे आपके बधाई आ. Er. Ganesh Jee "Bagi" जी | 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

vijay nikore commented on vijay nikore's blog post जीवन्तता
"आपका हार्दिक आभार, भाई समर कबीर जी।"
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"आदरणीय समर कबीर साहब, सादर प्रणाम। मैं धन्य हो आपसे शाबाशी पाकर। बहुत शुक्रिया सर।"
yesterday
Samar kabeer commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"//काफ़िर नहीं शिकार किसी बद-दुआ का हूँ/      शह्र-ए-बुतां की धूल जो अब छानता हूँ…"
yesterday
Dr. Chandresh Kumar Chhatlani posted a blog post

मेरे ज़रूरी काम / अतुकांत कविता / चंद्रेश कुमार छतलानी

जिस रास्ते जाना नहींहर राही से उस रास्ते के बारे में पूछता जाता हूँ।मैं अपनी अहमियत ऐसे ही बढ़ाता…See More
yesterday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post कान और कांव कांव(लघुकथा)
"आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय चंद्रेश जी।"
yesterday
Dr. Chandresh Kumar Chhatlani commented on Manan Kumar singh's blog post कान और कांव कांव(लघुकथा)
"गजब की रचना। बहुत-बहुत बधाई इस सृजन हेतु।"
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"आदरणीय समर कबीर साहब, सादर प्रणाम। ग़ज़ल को अपने आशीर्वाद से नवाज़ने के लिए आपका बहुत आभारी हूँ। सर,…"
yesterday
Dr. Chandresh Kumar Chhatlani updated their profile
yesterday
Samar kabeer commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"जनाब रवि भसीन 'शाहिद' जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
yesterday
Samar kabeer commented on मोहन बेगोवाल's blog post तरही ग़ज़ल
"जनाब मोहन बेगोवाल जी आदाब,ओबीओ के तरही मिसरे पर ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
yesterday
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post धरणी भी आखिर रोती है
"हार्दिक धन्यवाद आपका"
yesterday
Samar kabeer commented on vijay nikore's blog post जीवन्तता
"प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, बहुत अच्छी रचना हुई है, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service