For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

निर्गुण भोजपुरी गीत : पिया अईले बोलावे


छोडे के नईहर तैयार हो,
पिया अईले बोलावे,
मनवा होखेला बेकरार हो ,
पिया से मिले के बावे ,
छोडे के नईहर..............

काँच ही बास के डोलिया बनल बा ,
उपरा से लाली रंग चुनरी लॅगल बा ,
मोलायम बिछावन गुलगुल सिरहानि,
गुलगुल सिरहानि, रामा, गुलगुल सिरहानि,
दुवारे कहार बाड़े तैयार हो,
पिया अईले बोलावे,
छोडे के नैहर..............

बाबू रोवे ले माई रोवेली,
भाई रोवे ले भौजी रोवेली ,
गऊवां  के सभे सखिया रोवेली,
सखिया रोवेली,रामा,सखिया रोवेली,
बिलखि रोवे लईकाई के यार हो ,
पिया अईले बोलावे,
छोडे के नैहर..................

पाप के कमाईल इहे रह जाई,
पुण्य के खाइल ससुरा ले जाई,
पियवा एक दिन सबके ले जाई,
सबके ले जाई, रामा,सबके ले जाई,
इहे बा सचाई, रामा, इहे बा सचाई,
जनि कर "बागी" हाय हाय हो ,
पिया अईले बोलावे
छोडे के नैहर..................

छोडे के नईहर तैयार हो,
पिया अईले बोलावे,
मनवा होखेला बेकरार हो,
पिया से मिले के बावे,
छोडे के नैहर..................

हमार पिछुलका पोस्ट => भोजपुरी लघु कथा :- चुनाव के बात अलग होला

Views: 6197

Replies to This Discussion

वोह !!!!! लग रहा है मैं यह निर्गुण लिखने में असफल हो गया हूँ :-( अथवा आप बिना पढ़े टिप्पणी की है |

आदरणीय बागी जी सादर, जिसको ये समझ में आएगा उसका रोम रोम सिहर जायेगा, मृत्यु की सत्यता का अक्षुण्य वर्णन.

पाप के कमाईल इहे रह जाई,
पुण्य के खाइल ससुरा ले जाई,
पियवा एक दिन सबके ले जाई, ...................बस "राम नाम" सत्य है.
अद्बुत, अद्बुत.

बहुत बहुत आभार भाई राकेश जी, रौआ गीत के आत्मा तक पहुचनी ह |

गणेश, माफ़ी चाहती हूँ. भोजपुरी भाषा का अधिक ज्ञान न होने के करण मुझे टिप्पणी नहीं करनी चाहिये थी :(

ऐसा नहीं है शन्नो दी, दरअसल "निर्गुण" विधा में अंतिम सत्य को रेखित करती रचनाएँ ही लिखी जाती है |

गणेश, अब मैंने पूरा अर्थ समझा आपके यहाँ लिखे कमेंट्स से और रचना दोबारा पढ़कर. धन्यबाद.

एक दिन आत्मा का परमात्मा से मिलन होना है..और उस लोक में सभी को जाना है. अच्छे कर्म ही

साथ जाते हैं...

पाप के कमाईल इहे रह जाई,
पुण्य के खाइल ससुरा ले जाई,
पियवा एक दिन सबके ले जाई,
सबके ले जाई, रामा,सबके ले जाई,
इहे बा सचाई, रामा, इहे बा सचाई,
जनि कर "बागी" हाय हाय हो ,
पिया अईले बोलावे
छोडे के नैहर.................. आदरणीय गणेश सर सादर नमन, जीवन के शाश्वत सत्य को इस गीत में बखूबी चित्रण किया है आपने , संवेदना से यथार्थ तक पहुंचाने वाले गीत के लिए आप अपने अनुज से हृदय से बधाई स्वीकार करें.  सादर

स्वीकार है अनुज , स्वीकार है , इस सराहना हेतु आभार |

आदरणीय अग्रज सादर अभिवादन ,,,बहुत अच्छी निर्गुण काव्य प्रस्तुति ,,सादर

अश्वनी जी, सराहना हेतु आभार |

ई दुनिया मोरे बाबुल का घर वो दुनिया ससुराल !

आदरणीय श्री बागी जी, आपने भोजपुरी में  निर्गुण प्रस्तुत कर भोजपुरी को एक उच्च मंच प्रदान करने की कोशिश की है. भोजपुरी जैसे आंचलिक शब्दों के प्रयोग से हिंदी भाषा और भी समृद्ध होगी ऐसा मेरा मानना है!

आदरणीय श्री जवाहर लाल जी, आप बिलकुल सही कह रहे है, मैं कोशिश करता हूँ की हिंदी रचनाओं में भी आंचलिक शब्दों का प्रयोग करू, वैसे मैंने भोजपुरी हाइकुभोजपुरी घनाक्षरी और भोजपुरी कह मुकरी लेखन का भी प्रयोग कर चूका हूँ जिसे गुनी जनों ने सराहा भी है, सराहना हेतु आपका कोटिश: आभार |

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
39 minutes ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service