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OBO के १००० सदस्य पुरे होने पर एक घोषणा

साथियों ! OBO परिवार के १००० सदस्य होने पर मैं एक घोषणा करना चाहता हूँ | १ अप्रैल २०१० से ३० जून २०११ तक ओपन बुक्स ऑनलाइन पर प्रकाशित अपने सदस्यों की रचनाओं से कुछ चुनिन्दा रचनाओं (लगभग १००) को रचनाकारों के जीवन परिचय सहित उनसे लिखित अनुमति प्राप्त कर एक पुस्तक OBO के बैनर तले छपवाने का प्रस्ताव है |

 

मैं समझता हूँ की अभी तक इस तरह का कार्य कोई वेब साईट वालों ने नहीं किया है, और OBO पहला होगा, इस घोषणा के बाद इस कंसेप्ट को कोई उड़ा ले तो मैं नहीं कह सकता |

 

सोच यह है कि सभी सदस्यों के पास संसाधन नहीं है जो अपनी रचनाओं का संग्रह छपवा सके किन्तु जो OBO पुस्तक प्रकाशित करेगा उसमे संभव है उन सदस्यों कि भी रचनाएँ छप जाये जो कुल जमा ५-१० रचनाएँ ही अभी तक लिख सके हों |

 

आप सदस्यों कि राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है, यदि इस सम्बन्ध में आप कोई सुझाव देना चाहते हो तो कृपया नीचे दिए कमेंट्स बॉक्स में अवश्य लिखे |

 

आपका अपना

गणेश जी "बागी"

(संस्थापक)

ओपन बुक्स ऑनलाइन

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Replies to This Discussion

आदरणीया वंदना जी, त्वरित टिप्पणी हेतु आभार, बहुत सारी हमारी योजनायें है, जो समय समय पर कार्यान्वित की जाएगी, बस सदस्यों का सहयोग चाहिए, इस परिवार में और भी सदस्यों को जोड़ OBO को मजबूत करने की जरूरत है |

 

 


उत्साहित करने वाला प्रस्ताव है ।

शुभकामनायें...............

बहुत बहुत धन्यवाद अमितेश जी, आपने हमारी योजना को सराहा, आपका त्वरित कमेन्ट भी उत्साहित करने वाला है |
bahut badhia ghosna hain bhai ye huaa na sone pe sohaga
धन्यवाद गुरु जी |
जी गणेश जी
बहुत अच्छी पहल है ये और शायद किसी को उम्मीद भी नहीं थी क ओ बी ओ सफलता की इसं सीमा तक पहुंचेगा 
जब मैंने अखबार में इसका एड्ड देखा तो बड़ी ख़ुशी हुई की के हमारी साहित्यिक खिदमत लोगो की नज़र में आ रही है और ये समाज इस बात पे सोचने पे विवश हुआ है की एक सोसिअल साईट के मेम्बेर्स अगर जागरूक हो तो इस लेवल तक साहित्य की खिदमत और लेखको का प्रोत्साहन हो सकता है जिससे उर्दू हिंदी और कई भाषाओं को फरोग मिला
क्युकी इस साईट में सभी के लिए कोई न कोई इस्थान है और सबसे बड़ी बात ये है के हर पहलु का ख्याल रखा गया है चाहे वो महोत्सव हो चित्र से काव्य तक हो ग़ज़ल की कक्षा हो और किसी ने अंदाजा भी शायद पिछले दशक में न लगाया हो की एक साईट के माध्यम से तरही मुशायरो का आयोजन हो सकता है
ये सब मेम्बेर्स की मेहनत और योगदान है जो इस रंग तक और अपने परवान पर है और हम दुआ करते है क हम अपनी आने वाली नस्ल को इसके माध्यम से साहित्य के लिए से एक ऐसा प्लेटफोर्म छोड़ जायेंगे की इस तहज़ीब की शमा को पश्चिमी हवाओं से कोई खतरा नहीं रहेगा
और मै मुबारक बाद देता हूँ इस साईट के मनागिंग मेम्बेर्स को जो  इतना व्यस्त होने के बाद भी इस फॅमिली को हरा भरा रखने के लिए इतनी मेहनत करते है और जो ख्वाब इस संस्था ने सजोया है यकीनन पूरा होगा
अब अगर बात करें किताब की तो एक सेंटेंस में ये कहूँगा के जो काम आज तक हमने इन्टरनेट पे किया उसको लिखित में करने जा रहे है जो लिखित साहित्य में अमर रहेगा
मेरा सभी मेम्बेर्स से अनुरोध है की इस फॅमिली के लिए जितना कुछ कर सकते है या जितना कुछ सीख सकते है करें ये हमारी खुशनसीबी भी है और एक बहुत अच्चा मौक़ा भी
उम्मीद करता हु साहित्य में कभी ओ बी ओ अवार्ड का नाम जाये
शुक्रिया
किताब छपने के सम्बन्ध में एक और सुझाव
मै  समझ सकता हूँ की रचनाओं की एडिटिंग बहुत मुश्किल काम है क्युकी सभी रचनाओं को इस्थान देना संभव नहीं
मगर हमारे सभी मेम्बेर्स का उत्साह कायम रहे जिन्होंने अपना वक़्त निकाल कर इसमें शिरकत की इसलिए  सभी मेम्बेर्स का अपनी  अपनी  भूमिका  के  हिसाब  से  ज़िक्र  होना  भी  ज़रूरी  है
और अंत के पन्नो में सभी  मेम्बेर्स  के  छोटे छोटे प्रोफाइल  फोटो  होने  चाहिए जिससे  हमारे  पूरे परिवार का परिचय हो जाये  हो तो बेहतर है
इससे उन लोगो का भी उत्साह बना रहेगा जिनकी रचनाये किसी वजह से नहीं पुब्लिश  हो पाएंगी और सभी मेम्बेर्स से प्रोफाइल फोटो लगाने की डिमांड की जाए
प्रोफाइल फोटो  का कोलौम्न सेम  हमारे सदस्य की तरह हो जिसमे पहले अदमिन मैनेगिंग फीचेरेड   मेम्बेर्स और बाकी मेम्बेर्स हो
इसके  साथ  हमारे  हर  आयोजन  का  किताब  में  ज़िक्र  हो  जैसे  तरही  मुशायरा   महोत्सव  सारे  बेस्ट  ब्लोग्स  एक्टिवे  मेम्बेर्स  की  लिस्ट
विथ डेट
 
मै समझता हूँ  प्रोफाइल फोटो का  काम  4--5 पेज  में  हो  जायगा  और  सभी  संतुष्ट  हो  जायेंगे 
बाक़ी  हमारे  आयोजन  8--10 पेज  में  आ  जायेंगे 
इसके  अलावा  परिचय और ब्लोग्स की  चुनी  रचनाएँ 
उम्मीद करता हूँ आप सभी सुझाव को अन्यथा नहीं लेंगे और अपनी अपनी राय भी पेश करेंगे जिससे मेरे सुझाव को और अच्चा बनाया जा सके 
हिलाल भाई, आपके सुझाव पर ओ बी ओ प्रबंधन टीम अवश्य विचार करेगा | आप सभी का वैचारिक सहयोग चाहिए | हमें बहुत कुछ करना है |

गणेश जी,

सादर वन्दे,

सबसे पहिले भारत के सबसे बड़े बुद्धिजीवी परिवार के गठन के लिए साधुवाद स्वीकारें...और हमें इस बात का बेहद गर्व है कि इस महत्वपूर्ण परिवार के एक छोटे से हिस्से हम भी है...और हमें यह अवसर देने के लिए भी हम आपके आभारी हैं...

आपकी घोषणा ने मन में एक नई ऊर्जा का संचार किया हैं...इस अभिनव प्रयास के लिए तो समस्त साहित्य जगत सदैव आपका आभारी रहेगा और आपका यह क़दम उन नए रचनाकारों के लिए अवश्य ही प्राणवायु का कार्य करेगा, जिनकी प्रतिभा आज के इस व्यावसायिक युग में संसाधनों के अभाव में मृतप्राय हो जाती है....कोटिशः बधाई और आभार.

आदरणीय डॉ नमन दत्त जी, आपकी सराहना हेतु बहुत बहुत आभार, हम सबको गर्व है कि ओ बी ओ परिवार में डॉ. नमन दत्त नामक रत्न हैं |
gnesh jee .. Adab. Mere liye to lagta hai khwab sach ho raha hai.. Do dino mai hi Kya kya surprise mil rahe hain mujhe.. Waqai ye ek ghazab ki pahal hai.. Aur 'hilal' ka mashwara bhi qabil e taareef hai.. Kyunke mujh jaise naye member ki to shayad hi koi rachna prakashit ho us pustak mai, magar naam hi jaye to bahut hai.. Dil se aabhar.

प्रिय इमरान भाई, ओ बी ओ सदैव युवा साहित्यकारों को स्थापित साहित्यकारों के सानिध्य में रहकर आगे बढ़ाने में विश्वास करता है, अपने स्थापना काल से हमेशा कुछ नया तथा औरों से कुछ अलग करने हेतु भी ओ बी ओ को जाना जाता है | हम लोगो का सदैव यह प्रयास होगा कि The Best दे सके | 

 

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