साथियों ! OBO परिवार के १००० सदस्य होने पर मैं एक घोषणा करना चाहता हूँ | १ अप्रैल २०१० से ३० जून २०११ तक ओपन बुक्स ऑनलाइन पर प्रकाशित अपने सदस्यों की रचनाओं से कुछ चुनिन्दा रचनाओं (लगभग १००) को रचनाकारों के जीवन परिचय सहित उनसे लिखित अनुमति प्राप्त कर एक पुस्तक OBO के बैनर तले छपवाने का प्रस्ताव है |
मैं समझता हूँ की अभी तक इस तरह का कार्य कोई वेब साईट वालों ने नहीं किया है, और OBO पहला होगा, इस घोषणा के बाद इस कंसेप्ट को कोई उड़ा ले तो मैं नहीं कह सकता |
सोच यह है कि सभी सदस्यों के पास संसाधन नहीं है जो अपनी रचनाओं का संग्रह छपवा सके किन्तु जो OBO पुस्तक प्रकाशित करेगा उसमे संभव है उन सदस्यों कि भी रचनाएँ छप जाये जो कुल जमा ५-१० रचनाएँ ही अभी तक लिख सके हों |
आप सदस्यों कि राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है, यदि इस सम्बन्ध में आप कोई सुझाव देना चाहते हो तो कृपया नीचे दिए कमेंट्स बॉक्स में अवश्य लिखे |
आपका अपना
गणेश जी "बागी"
(संस्थापक)
ओपन बुक्स ऑनलाइन
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Permalink Reply by vandana gupta on June 12, 2011 at 1:25pm सबसे पहले तो OBO के 1000 सदस्य होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनायें।
आपका प्रयास बेहद सराहनीय है और आप जैसा प्रयास अभी तक किसी ने नही किया अगर ऐसा किया जायेगा तो ये अपने आप मे एक बेहद उम्दा और अनूठा कदम होगा।
सबसे बडी बात जो लोग अपनी पुस्तक नही छपवा सकते उनके लिये तो ये एक वरदान से कम नही जैसे हम …………आपके इस प्रयास के लिये आपको अग्रिम बधाइयाँ।
उम्मीद है आप इस तरह के नये नये कदम उठाते रहेंगे और अपने लेखको और पाठको को अनुगृहित करते रहेंगे।
Permalink Reply by Ganesh Jee "Bagi" on June 12, 2011 at 10:25pm आदरणीया वंदना जी, त्वरित टिप्पणी हेतु आभार, बहुत सारी हमारी योजनायें है, जो समय समय पर कार्यान्वित की जाएगी, बस सदस्यों का सहयोग चाहिए, इस परिवार में और भी सदस्यों को जोड़ OBO को मजबूत करने की जरूरत है |
Permalink Reply by vandana gupta on June 13, 2011 at 11:45am
Permalink Reply by Amitesh Jain (ami'ajim') on June 12, 2011 at 2:11pm
उत्साहित करने वाला प्रस्ताव है ।
शुभकामनायें...............
Permalink Reply by Ganesh Jee "Bagi" on June 12, 2011 at 10:26pm
Permalink Reply by Ravi Kumar Giri (Guru Jee) on June 12, 2011 at 3:17pm
Permalink Reply by Ganesh Jee "Bagi" on June 12, 2011 at 10:27pm
Permalink Reply by Hilal Ahmad 'hilal' on June 12, 2011 at 4:09pm
Permalink Reply by Hilal Ahmad 'hilal' on June 12, 2011 at 5:10pm
Permalink Reply by Ganesh Jee "Bagi" on June 12, 2011 at 10:28pm
Permalink Reply by डॉ. नमन दत्त on June 12, 2011 at 5:56pm गणेश जी,
सादर वन्दे,
सबसे पहिले भारत के सबसे बड़े बुद्धिजीवी परिवार के गठन के लिए साधुवाद स्वीकारें...और हमें इस बात का बेहद गर्व है कि इस महत्वपूर्ण परिवार के एक छोटे से हिस्से हम भी है...और हमें यह अवसर देने के लिए भी हम आपके आभारी हैं...
आपकी घोषणा ने मन में एक नई ऊर्जा का संचार किया हैं...इस अभिनव प्रयास के लिए तो समस्त साहित्य जगत सदैव आपका आभारी रहेगा और आपका यह क़दम उन नए रचनाकारों के लिए अवश्य ही प्राणवायु का कार्य करेगा, जिनकी प्रतिभा आज के इस व्यावसायिक युग में संसाधनों के अभाव में मृतप्राय हो जाती है....कोटिशः बधाई और आभार.
Permalink Reply by Ganesh Jee "Bagi" on June 14, 2011 at 8:57am आवश्यक सूचना:-
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिककर आमंत्रण भेजे |
3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करेऔर फिर रन करा दे |
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Rohit Dubey "योद्धा " commented on Rohit Dubey "योद्धा "'s blog post कोशिशों के समंदर© 2012 Created by Admin.
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