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Er. Ambarish Srivastava's Discussions (6,307)

Discussions Replied To (3415) Replies Latest Activity

"//मर रहे दरवेश भूखों ,आजकल संसार में, यह हमारे वक़्त की सबसे सही पहचान है. -- वो ही…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//कुर्सियों पर चोर, खादी में छिपा बेईमान है तुम मेरी आँखों से देखो, ये भी हिन्दुस्ता…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//नीतियाँ भी बिक गई ईमान भी है बिक गया| यह हमारे वक्त की सबसे सही पहचान है ||// आदरण…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//जो परे इससे रहा ,वह झोपड़ी में सड़ गया जो गले इसके लगा, वह हो गया बलवान है |4| खोखले…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//हुक्मरानों का हमारे बिक गया ईमान है। देखकर इनकी सियासत हर कोई हैरान है॥   लूट, दहश…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//चापलूसी, धूर्तता, मक्‍कारियॉं, धोखाधड़ी "यह हमारे वक़्त की सबसे सही पहचान है"// व…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"नमस्कार आदरणीय तिलक राज साहब, शानदार गज़ल से आगाज़ किया है आपने .......बहुत बहुत-मुबार…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"ग़ज़लये ही है ईमान मेरा, जिस्म ये ही, जान है.मुल्क ये अपना है जिस पे जिन्दगी कुर्बान…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

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"स्वागत है आदरणीय मित्रवर सौरभ जी ! //हाड़ जरे जस लकड़ी, केस जरे जस घासा सोने जैसी काया…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 23, 2012 to मुकरियाँ या कह-मुकरियाँ : इतिहास और विधान

95 Nov 1, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

सदस्य टीम प्रबंधन

"22 2 11  21   1 2 2=16 सीटी देकर पास बुलावै । 212 2   2  111    122=16 रुपया ले तो…"

Er. Ambarish Srivastava replied Jul 23, 2012 to मुकरियाँ या कह-मुकरियाँ : इतिहास और विधान

95 Nov 1, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

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दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
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"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
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Saturday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

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दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
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"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
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Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Jul 14
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10

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