For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Arun Sri's Discussions (610)

Discussions Replied To (489) Replies Latest Activity

"बहुत धन्यवाद रमेश कुमार चौहान जी !"

Arun Sri replied Apr 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"//कई जानकार हिन्दी वर्णमाला के डीएनए को तरजीह देते हुए इता दोष को उस रूप में स्वीकार…"

Arun Sri replied Apr 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"बहुत धन्यवाद Tilak Raj Kapoor सर जो आपकी नज़र पड़ी और पास हुई गज़ल ! इतना तो सुकून हुआ…"

Arun Sri replied Apr 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"छोडो , वो बेवफा है , निभाना  तो है नहीं पत्थर  पे  कोई  दूब  उगाना  तो  है नहीं   मं…"

Arun Sri replied Apr 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"हर एक शे'र अपनी बात को बखूबी कहता हुआ ! कहीं गहरे तक उतरता हुआ !सर्वस्व सौंपती है नद…"

Arun Sri replied Apr 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-46

959 Apr 27, 2014
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"बहुत धन्यवाद सर ! आप महारथियों के बीच कुछ कहने की हिम्मत करना बड़ी बात है ! मेरा डर क…"

Arun Sri replied Apr 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 42 (Now closed with 1053 Replies)

1053 Apr 14, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"ऊँचा लम्बा, बे नखरा है  नस नस में मकरंद भरा है सीधा सादा रहता बन्ना  ऐ सखि साजन ? न…"

Arun Sri replied Apr 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 42 (Now closed with 1053 Replies)

1053 Apr 14, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"बहुत सुन्दर कहमुकरियाँ हुई है सर ! रिश्ते की कोमलता को रेखांकित करती हुई ! लेकिन "मु…"

Arun Sri replied Apr 13, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 42 (Now closed with 1053 Replies)

1053 Apr 14, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"ओह्ह ! अत्यंत दुखद ! हमेशा सबको हँसाने वाला कवि आज रुला रहा है ! ईश्वर उन्हें उनकी आ…"

Arun Sri replied Apr 8, 2014 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

प्रधान संपादक

"मुझे याद है कि जब मैं इस मंच से जुडा था तो काव्य का ककहरा भी तुतलाती जुबान से अटक-अट…"

Arun Sri replied Apr 1, 2014 to ओ.बी.ओ के चार वर्ष - साझा सपने का सफ़र

61 Apr 17, 2014
Reply by savitamishra

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
10 minutes ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service