For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Er. Ganesh Jee "Bagi"'s Discussions (8,125)

Discussions Replied To (5844) Replies Latest Activity

"I have copy of said paintings, but I can  not attach here said nude paintings, If an…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 12, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"सौरभ भईया, आप बिलकुल सही कह रहे है,  हुसैन का यह कृत्य बिलकुल सोची समझी और विकृत मान…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 12, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"अपने वतन में दो गज जमीन की बात ........तो वह किस्मतवालों को ही मिलती है | अम्बरीश भा…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

प्रधान संपादक

"इमरान साहिब आपकी रचना वाकई खुबसूरत है, बहुत ही सुंदर ख्यालात है किन्तु यह ग़ज़ल की क…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to "ओबीओ लाइव महा-उत्सव" अंक ८ में सम्मिलित सभी रचनाएँ

7 Jun 11, 2011
Reply by इमरान खान

"सौरभ भईया, वाणी प्रकाशन के पोस्ट पर आपने भी कमेन्ट किया था और मैंने भी, जब वो लोग अप…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"साथियों !  फेस बुक पर एक प्रोफाइल है "वाणी प्रकाशन" का, आज इन्होने एक कुंठित  पेंटर…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"इंसान की कृतियाँ ही दोस्त और दुश्मन पैदा करती है, एक तरफ मो. रफ़ी, नादिरा, सुरैया,शमश…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"धन्यवाद, आदरणीय धीरज जी, आपने मेरी बातों का समर्थन किया |"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"वाह रे हमारी उदारता और वाह रे हमारी यादास्त, कितनी जल्द हम अपना अपमान भूल जाते है, ह…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"अंग्रेजो के कार्यशैली पर चल रही वर्तमान सरकार के लिए सतीश भईया आपकी ही लेखन शैली मे…"

Er. Ganesh Jee "Bagi" replied Jun 11, 2011 to बाबा रामदेव

2 Jun 12, 2011
Reply by Rash Bihari Ravi

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
49 minutes ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Tuesday
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Tuesday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Jul 9
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service