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अरुण कुमार निगम's Discussions (3,693)

Discussions Replied To (2587) Replies Latest Activity

"मुमताज जी, शानदार गज़ल है. वाह !!"

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"सचमुच राणा जी , गज़ल में अदम साहब के अंदाज हैं इबादत क्या करेगा वो जो भूखा है महीने स…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"कभी ज़ुर्रत, कभी तेवर, सिफ़ारिश भी करीने से बना लो काम जैसे हो, यही आशय है जीने से ||…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"ज़माने ने जो ठुकराये वही पत्‍‍थर उठाता हूँ जतन से जब तराशूँगा, ये चमकेंगे नगीने से।…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"वीनस केशरी जी, बहुत-बहुत शुक्रिया आपकी दाद के लिए."

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"आभार सौरभ जी, , कुछ अश'आर खुद मुझे ही तसल्ली नहीं दे पाए.सच कहें तो  रदीफ/काफिये का…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"ना है मंझधार, ना तूफां, मजा क्या ऐसे जीने से. जिन्हें साहिल की हसरत हो, उतर जाये सफी…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"बहुत-बहुत धन्यवाद,सौरभ जी."

अरुण कुमार निगम replied Dec 11, 2011 to ओबीओ महा-उत्सव अंक - 14 में सम्मिलित सभी रचनाएँ

13 Dec 13, 2011
Reply by AVINASH S BAGDE

सदस्य टीम प्रबंधन

"मेरी एक और रचना आशा भोंसले  पर भी शामिल कर लेते तो अच्छा होता."

अरुण कुमार निगम replied Dec 11, 2011 to ओबीओ महा-उत्सव अंक - 14 में सम्मिलित सभी रचनाएँ

13 Dec 13, 2011
Reply by AVINASH S BAGDE

"श्याम घटाओं के बीच से कभीं यूँ चाँद सा निकलना  अधर खुले तो यूँ लगा गिरकर शबनम सा बिख…"

अरुण कुमार निगम replied Dec 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १४ (Now Closed with 730 Replies)

730 Dec 11, 2011
Reply by satish mapatpuri

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