For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अभी-अभी 
उतरी आँगन में 
धूप गुनगुनी, 
अभी-अभी 
खोले हैं 
सपनों की तितली ने पर,
अभी-अभी 
खुद सोनपरी नें 
रची रंगोली,
अभी-अभी 
बस ओस 
गुलाबी पंखुड़ियों पर 
आ ठहरी है, 
अभी-अभी 
फूटा है अंकुर 
हरसिंगार का,
अभी-अभी 
सीपी में दमका है इक मोती,
अभी-अभी नन्हे चूजे नें 
पकड़ कवच 
झाँका है अम्बर,
अभी-अभी 
एक नम सी बदली 
संग हवा के बह आई है,
अभी-अभी 
बहती नदिया से 
भीगा है फिर पत्थर तट का,
अभी-अभी 
मुस्कान सहेजे 
उमड़ा है एक नन्हा आँसू 
नयन कोर पर,
अभी-अभी 
चमका है
एक सुनहरा तारा,
अभी-अभी 
खनकी है मन में 
इतराती सी मधुर हँसी,
अभी-अभी 
फिर बचपन में 
जीवन लौटा है,
अभी-अभी 
आई है खुशबू 
संदल जैसी दूर कहीं से,
अभी-अभी 
बाहों में भर कर 
माँ नें चूम लिया माथा 
अपनी लाडो का...
अभी-अभी बस 
अभी-अभी
मौलिक और अप्रकाशित 

Views: 565

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by narendrasinh chauhan on May 4, 2019 at 6:06pm

आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी,खूब सुन्दर रचना 

Comment by नाथ सोनांचली on May 2, 2019 at 6:36pm

आद0 डॉ प्राची सिंह जी सादर अभिवादन। बहुत ही बेहतरीन रचना बन पड़ी है। इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार कीजिये

Comment by Sushil Sarna on May 2, 2019 at 4:41pm

आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी गहन भावों से युक्त इस प्रभावी सृजन के लिए दिल से बधाई।

Comment by narendrasinh chauhan on May 2, 2019 at 4:10pm

खूब सुन्दर रचना 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 2, 2019 at 4:09pm

बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय समर कबीर जी 

Comment by Samar kabeer on May 2, 2019 at 11:58am

मुहतरमा डॉ. प्राची सिंह साहिबा आदाब,बहुत उम्द: रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
14 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service