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मेरी आवाज़ में कुछ ऐसा असर हो जाये !
याद  जिसको मै करूँ उसको खबर हो जाये !!

काश तशरीफ़ मेरे घर पे कभी वो लायें !  
उनकी आमद से मु अत्तर मेरा घर हो जाये !!

वो अगर ज़ुल्फ़ बिखेरें तो घटाएं छायें !
वो अगर चेहरा दिखा दें तो सहर हो जाये !!

ज़हन ओ दिल के सभी दरवाज़े खुले रखता हूँ !
क्या पता कब तेरी यादों का गुज़र हो जाये !!

अश्क बारी का मेरी तुझपे असर ऐसा हो !
मै कभी रोऊँ तो दामन तेरा तर हो जाये !!

मुझको मिल जाये बुजुर्गों की दुआ चलते वक़्त!
बस यही मेरे लिए रख्ते सफ़र हो जाये !!

अब 'हिलाल' अपने लिए इसके सिवा क्या मांगे !
ज़िन्दगी पहलुए जानाँ में बसर हो जाये !!

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Comment

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Comment by Tapan Dubey on June 3, 2011 at 9:01pm
ज़हन ओ दिल के सभी दरवाज़े खुले रखता हूँ !
क्या पता कब तेरी यादों का गुज़र हो जाये !!


Bahut Khub.......
Comment by Hilal Badayuni on May 16, 2011 at 11:22am

bahut bahut shukriya bhai ganesh ji aur vandna sahiba

ye aapki muhabbatein hai jo qalam ko protsahan mil jata hai

shukriya


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 15, 2011 at 9:54pm
ज़हन ओ दिल के सभी दरवाज़े खुले रखता हूँ !
क्या पता कब तेरी यादों का गुज़र हो जाये !!
बहुत खूब हिलाल भाई , सटीक बयानी है , सभी के सभी शे'र दिल के करीब है , दाद कुबूल करे |
Comment by Hilal Badayuni on May 15, 2011 at 2:05pm

bahut bahut shukriya

arun ji dharam ji

sanjay ji aur aadarniya tilak raj sahab 

Comment by Abhinav Arun on May 14, 2011 at 1:46pm

waah kya baat kahee hilaal bhaae bahut khoob -

मेरी आवाज़ में कुछ ऐसा असर हो जाये !

याद  जिसको मै करूँ उसको खबर हो जाये !!
lajawaab badhaae ho aapko is khgoobsurat ghazal kea
 liye
Comment by धर्मेन्द्र शर्मा on May 14, 2011 at 11:01am
Bahut khoob..
Comment by Tilak Raj Kapoor on May 14, 2011 at 10:26am
अब 'हिलाल' अपने लिए इसके सिवा क्या मांगे !
ज़िन्दगी पहलुए जानाँ में बसर हो जाये !!
ऐसा ही हो। खूबसूरत ग़ज़ल।
Comment by Sanjay Rajendraprasad Yadav on May 14, 2011 at 9:56am

 

"बहुत सुन्दर अति सुन्दर"

//मेरी आवाज़ में कुछ ऐसा असर हो जाये !

याद  जिसको मै करूँ उसको खबर हो जाये !!//

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