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जताते क्यों हो

हमसे करते हो मुहब्बत तो जताते क्यों हो
दर्द-ए-दिल हमको ए-दोस्त  दिखाते क्यों हो
अपनें भी दिल में जख्मों की कमीं कोई नहीं
दास्ताँ दर्द की तुम मुझको सुनाते क्यों हो 
कुछ तो सीखो मेरे नाम से, मुझसे यारो
जलनें से डरते हो तो फिर आग में जाते क्यों हो
नाम "दीपक" है मुझे जलनें से डर नहीं लगता
भूल क्यों जाते नहीं  पास मेरे  आते क्यों  हो 
हमको शिकवा नहीं दुनियां से न डर ज़मानें का 
मेरे गीतों से मुझको ही बहलाते क्यों हो 
हमसे करते हो मुहब्बत तो ज-----

दीपक शर्मा "कुल्लुवी"
09136211486
10 -05 -2011 .

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Comment

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Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 10, 2011 at 2:06pm
HAAN BAGI JI JO SWAL KHUD POOCHH NAHIN SAKTE WOH LIKHKAR POOCHH SAKTE HAIN NIDAR HOKAR

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 10, 2011 at 1:31pm
बहुत खूब दीपक साहिब, आपने तो सवालों की झड़ी लगा दी | बधाई |
Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 10, 2011 at 12:21pm
SHUKRIYA

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