For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जैसी तुम हो मॉंं // आबिद अली मंसूरी!

तुमसे ही तो है

यह जीवन मेरा
तुम्हारी ही अमानत है
हर सांस मेरी
कर्ज़दार है
तुम्हारी ममता की
आत्मा हो तुम मेरी
तुमसे ही
संसार है मॉंं........
क्या लिखूं
मैं इससे आगे
असमर्थ हूं
एक मैं ही क्या
यह
सारा संसार भी
मॉं की ब्याख्या
नहीं कर सकता
क्योंकि मॉंं..
मॉंं होती है
जैसी, तुम हो मॉंं..!!
--------------------------------------
--------------आबिद अली मंसूरी!
(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 491

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on February 22, 2018 at 6:45am

बहुत कुछ कह डालने की चाहत में गागर में सागर भर डाला आपने। तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब आबिद अली मंसूरी साहिब। इस भावपूर्ण रचना  को विस्तार देकर बढ़िया छंदबद्ध सृजन भी आप कर सकते हैं।

Comment by Abid ali mansoori on November 6, 2015 at 11:05pm

आदरणीय मोहन जी सच कहा आपने, सराहनीय प्रतिक्रिया के लिए हार्दिक धन्यवाद!

Comment by Abid ali mansoori on November 6, 2015 at 11:03pm

आदरणीय मिथिलेश जी आभार आपका मनोवल बढ़ाने के लिए, आशा है समय-समय पर मार्गदर्शन भी करते रहेंगे आप!

Comment by Abid ali mansoori on November 6, 2015 at 11:00pm

आदरणीय विजय जी उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार आपका!

Comment by मोहन बेगोवाल on November 6, 2015 at 7:27pm

आदरणीय मंसूर जी, माँ की ममता कि क्या कहने , मगर लगता है, समय के साथ माँ के बदले हुए रूप पर बहुत कम काम हुआ है, जैसी तबदीली समाज में हो रही उस से माँ के रिश्ते में भी तबदीली देखने को मिल रही है 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on November 6, 2015 at 1:34pm

आदरणीय मंसूर जी बढ़िया प्रस्तुति हुई है हार्दिक बधाई 

Comment by Dr. Vijai Shanker on November 6, 2015 at 8:49am
सारा संसार भी
मॉं की व्याख्या
नहीं कर सकता।
रचना सराहनीय है , बधाई आदरणीय आबिद अली मंसूरी जी , सादर।
Comment by Abid ali mansoori on November 5, 2015 at 11:21pm

रचना प्रकाशन के लिए हार्दिक आभार आदरणीय सम्पादक महोदय!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"नमन है किसानो सदा आपको।तुम्हारे भले काम के जाप को।।सदा खेत खलिहान में रात हो।न परिवार से चैन से बात…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"नमन, आदरणीय सौरभ साहब, आपने प्रस्तुति को समय देकर मुझे कृतार्थ किया! विमर्श से निखार आएगा, आप की…"
yesterday
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया सौरभ पाण्डेय जी सादर प्रणाम। मैं जानती हूं बहुत कमियां है अभी मेरे लेखन में इसलिए आप सभी से…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, आपकी पुनर्सहभागिता का अशेष आभार.  आपकी प्रस्तुति जिस तरह से संभव हो…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"आदपणीय अनिल जी, आपने मात्र दो छंदों के माध्यम से जिसतह से निर्मल हास्य पैदा किया है वह वस्तुत: रोचक…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय दीपांजलि जी,  आपकी संलग्नता श्लाघनीय है. मैं आपकी रचनाओं के विन्यास से मुग्ध रहता हूँ.…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"जी, सही कहा आपने, आदरणीय. "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभातिशुभ "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"सचेत रहने की बाध्यता है, निर्वहन करना होगा, आदरणीय.  जय-जय"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"आपकी स्पष्टोक्ति एवं मुखर स्वीकारोक्ति का सादर धन्यवाद, आदरणीय"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. दीपांजलि जी, सादर आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-126 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. दीपान्जलि जी, छन्दों का सुन्दर प्रयास हुआ है । हार्दिक बधाई।"
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service