For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नौ दोहे सबको नवरात्र ही हार्दिक बधाई

दिव्य स्वरूपी संस्थिता ,इष्ट अलौकिक शक्ति|

शारदीय नवरात्र में ,शैल सुता की भक्ति||

ब्रह्मलोक संचालिका ,ब्रह्मचारिणी मात्र|

ध्यान ज्ञान आराधना ,शुभ दूजा नवरात्र ||

नाम चन्द्र घंटा सजा ,माँ दुर्गा का रूप|

देता अद्भुत ज्ञान है ,त्रय नवरात्र अनूप||

नाम अन्नपूर्णा धरे ,शाक भरी का पात्र|

माँ कूष्मांडा आ गई ,ले चौथा नवरात्र ||

शुभ पञ्चम नवरात्र है ,माता स्कन्द चरित्र|

खत्म तारकासुर किया ,जन्मा पुत्र विचित्र||

ऋषि पुत्री कात्यायिनी ,का धर रूप महान|

शुभ षष्ठम नवरात्र में ,देती माँ वरदान||

सप्तम दुर्गा रूप का ,कालरात्रि है नाम|

शुभंकरी कहते इसे ,शुभ फल देना काम||

नव रात्रा है आठवाँ ,माँ गौरी का राज|

पुण्य पर्व दुर्गाष्टमी,करें विसर्जन आज||

मातु सिद्धिदात्री भजो , दुर्गा शक्ति स्वरुप|

जन्म लिया प्रभु राम ने, शुभ नवरात्र अनूप||

जय माता दी 

Views: 3008

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 23, 2015 at 8:43pm

आ० जवाहर लाल जी,आपका बहुत बहुत आभार एवं नवरात्र तथा विजयादशमी की  शुभकामनायें 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 23, 2015 at 8:42pm

प्रिय प्रतिभा जी ,आपको दोहावली पसंद आई दिल से आभार आपका |शुभकामनायें 

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on October 21, 2015 at 4:16pm

अति सुंदर आदरणीया राजेश कुमारी जी! देवी के नौ रूपों के साथ श्री राम को भी स्थापित कर दिया आपने ! 

मातु सिद्धिदात्री भजो , दुर्गा शक्ति स्वरुप|

जन्म लिया प्रभु राम ने, शुभ नवरात्र अनूप||

जय मादा दी 

Comment by pratibha pande on October 20, 2015 at 11:17am

आपको भी  इस पावन शक्ति पर्व की ढेरों शुभकामनाएँ आदरणीया राजकुमारी जी ,इस सुन्दर दोहावली पर हार्दिक बधाई 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 19, 2015 at 9:44pm

मिथिलेश भैया,आपका बहुत- बहुत आभार|  


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 19, 2015 at 9:43pm

आ० डॉ० गोपाल भाई जी ,मेरा लिखना सफल हुआ आपका बहुत बहुत आभार | 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 19, 2015 at 9:00am

आ० कांता जी' बहुत अच्छा लगा प्रस्तुति पर आपका स्नेहसिक्त अनुमोदन पाकर आपको  भी  नवरात्र  की  हार्दिक बधाई |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on October 19, 2015 at 1:54am

बहुत सुन्दर दोहावली हुई है दीदी 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 18, 2015 at 7:41pm

नवरात्र में यह प्रस्तुति स्तुत्य् है आ० दीदी

Comment by kanta roy on October 17, 2015 at 11:04pm
नवरात्रि के अवसर पर ये पवित्र पावन सा देवी के नव रूपों से सजे दोहे ,हम सबके लिए अनुपम सौगात हुई है । माँ भवानी दुर्गा दुर्गतिनाशिनी सदा सबका कल्याण करें । बहुत बहुत शुभ कामना आपको आदरणीया राजेश कुमारी जी नवरात्र पर्व की और कृतार्थ हुए यह कृति को पाकर हम । सादर अभिनंदन आपको ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Feb 4
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service