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लघुकथा : न्यू ट्रेंड (गणेश जी बागी)

“वर्मा साहब, एक बात समझ में नहीं आयी, आपने फ़िल्म प्रोडक्शन पर अधिक और फ़िल्म प्रमोशन एवं मिडिया मैनेजमेंट पर मामूली बजट का प्रावधान किया है, जबकि आजकल तो प्रमोशन पर प्रोडक्शन से कहीं अधिक बजट खर्च किये जा रहे हैं.”
“डोंट वरी दादा ! कम प्रमोशनल बजट में भी फ़िल्म हिट करवाई जा सकती है.”
“अच्छा अच्छा, मतलब आप फ़िल्म में आइटम डांस वगैरह डालने वाले है.”
“नो नो, इटिज वेरी ओल्ड ट्रेंड”
“तो अवश्य कोई किसिंग या बोल्ड बेड सीन दिखाने को सोच रहे हैं.”
“अरे नहीं दादा इसमें नया क्या है ये सब तो अब टीवी सिरिअल वाले भी दिखा रहे हैं”
“फिर क्या सोचा है आपने ?”
“अरे कुछ नहीं, धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले कुछ सीन घुसेड देंगे, धर्मगुरु और मिडिया वाले स्वतः फ़िल्म प्रमोट कर देंगे और वो भी मुफ्त में.”
“और सेंसर बोर्ड ?”
“दादा वो सब आप मुझपर छोडिये, फ़िल्म इंडस्ट्री में मैं कोई नया हूँ क्या ? सब मैनेज हो जाता है.”

(मौलिक व अप्रकाशित)
पिछला पोस्ट => हास्य घनाक्षरी : ईलाज 

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मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 18, 2015 at 2:47pm

आदरणीय विनय कुमार जी, लघुकथा पर आपकी उपस्थिति और सराहना स्तुत्य है, बहुत बहुत आभार.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 18, 2015 at 2:46pm

आदरणीया आशा दीदी सराहना हेतु बहुत बहुत आभार.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 18, 2015 at 2:44pm

आदरणीय हरिकिशन ओझा जी, आपकी प्रतिक्रिया उत्साहवर्धन करती है, बहुत बहुत आभार.

Comment by विनय कुमार on January 13, 2015 at 10:58pm

बहुत सटीक और मौजूं लघुकथा | बहुत बहुत बधाई इसके लिए |

Comment by asha pandey ojha on January 13, 2015 at 8:30pm

का कहीन गनेश भैया ....... मजा आई गईबा..बहुतई बढ़िया लिखलु ह हो  गज़ब 

Comment by harikishan ojha on January 7, 2015 at 12:53pm

गणेश जी  आप  ने  तो आज के ट्रेड पर सच्ची बात कही  है आज  कल  यही सब  चल  रहा  है आप  का  बहुत बहुत धन्यवाद 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 6, 2015 at 3:33pm

प्रतिक्रिया और प्रोत्साहन हेतु हृदय से आभार आदरणीय डॉ कंवर करतार जी .

Comment by कंवर करतार on January 6, 2015 at 2:05pm

भाई बागी जी ,चन्द पंक्तियों में बर्तमान फ़िल्मी परिप्रेक्ष्य पर करारी चोट ,बधाई महोदय I


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 6, 2015 at 12:51pm

आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी, आपकी विवेचनात्मक और सराहनीय टिप्पणी लघुकथा को सम्मानित कर गयी. बहुत बहुत आभार.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 6, 2015 at 12:48pm

आभार आदरणीय लून करण जी.

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