For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

शिवरात्रि दोहावली

उत्सव भारत देश के ,करें सभी हम गर्व
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी , महाशिवरात्रि पर्व /


फाल्गुन में शिवरात का होता पर्व विशेष
रंगों भरी फुहार से मिटाओ गिले द्वेष /


मध्यरात अवतरित हो धरा रूप सारंग
गले में सर्प हार औ रमे भस्म से अंग/


रूद्र रूप को देख के भर लो ह्रदय उमंग
शिव शक्ति का मिलनदिवस मनाओ प्रेम संग /


सदा ही मिले आपको शिव का आशीर्वाद
शिव के नित उपवास से मिले दुआ प्रसाद /


धतूरे बेलपत्र से, करना कर्म विशेष
महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामना अशेष /

..................................................

..........मौलिक व अप्रकाशित.............

Views: 1501

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 23, 2014 at 12:40am

दोहों पर नियमावलियाँ साझा हो चुकी हैं और उनपर बहुत बातें हुई हैं, रचनाओ के क्रम में भी और मासिक आयोजनों में भी. उचित होता उन संदर्भों में रचनाकर्म होता. मैं कथ्य पर नहीं शिल्प पर बातें कररहा हूँ.

सादर

Comment by Sarita Bhatia on March 3, 2014 at 4:17pm

आदरणीय मीना जी हार्दिक आभार 

Comment by Sarita Bhatia on March 3, 2014 at 4:17pm

आदरणीय अखिलेश जी रचना सराहने और सुझाव बताने के लिए हार्दिक आभार 

Comment by Sarita Bhatia on March 3, 2014 at 4:15pm

आदरणीय गिरिराज जी हार्दिक आभार ...सादर 

Comment by Sarita Bhatia on March 3, 2014 at 4:15pm

आदरणीय ब्रिजेश जी हार्दिक आभार मार्गदर्शन करते रहें 

Comment by Sarita Bhatia on March 3, 2014 at 4:14pm

आदरणीय लक्ष्मण जी हार्दिक आभार उत्साह बढ़ाते रहें 

Comment by Sarita Bhatia on March 3, 2014 at 4:13pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी शुक्रिया 

Comment by Meena Pathak on March 3, 2014 at 9:40am
Bahut sundar dohe...Badhai aap ko
Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on March 2, 2014 at 1:21pm

आदरणीया सरिता जी ,

सुंदर दोहे। हार्दिक बधाई।

रंगों भरी फुहार से मिटाओ गिले द्वेष / / रंगों भरी फुहार से मिटे आपस के द्वेष /


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on March 2, 2014 at 9:17am

आदरणीया सरिता जी , शिव रात्रि पर सामयिक दोहावली के लिये आपको हार्दिक बधाइयाँ ॥

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
3 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन ।फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
13 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
16 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
19 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
19 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
22 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
Tuesday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Monday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service