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ऐ जिन्‍दगी मुझ पे भरोसा ना करना गीत

ऐ जिन्‍दगी मुझ पे भरोसा ना करना
हमें तो है किसी की चाहत पे मरना
 
सवाँर पाओ ना तु बिखर जायेगे हम
आपकी दुनिया से चले जायेगें हम
हँसते रहेगें वो तुम रोते रहना
हमें तो है किसी की चाहत पे मरना
ऐ जिन्‍दगी मुझ पे भरोसा ना करना


आँख मे अश्‍क उसके दे जायेगें हम
तड़पते रहो तुम चले जायेगें हम
हमे हैं जमाने से कभी कुछ न कहना
हमें तो है किसी की चाहत पे मरना
ऐ जिन्‍दगी मुझ पे भरोसा ना करना

 

बैठा करे हम कभी नदीया किनारे
लेकर वो नाम मेरा मुझको पुकारे
मेरी मोहब्‍बत पे कभी नही जलना
हमे तो है किसी की चाहत पे मरना
ऐ जिन्‍दगी मुझ पे भरोसा ना करना

 

 

संध्‍या मे हम उसका रास्‍ता निहारे
आजा मनमीत मेरे तुझको पुकारे
बाते अब प्रेम की हमसे नही करना
हमे तो है किसी की चाहत पे मरना
ऐ जिन्‍दगी मुझ पे भरोसा ना करना

 

 

मौलिक एवं अप्रकाशित अखंड गहमरी गहमर गाजीपुर

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Comment

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Comment by Akhand Gahmari on March 6, 2014 at 10:50pm

आप के उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है अपना आर्शीवाद बनाये रख्‍ेा आदरणीय सौरभ पांडे जी


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 5, 2014 at 12:53am

अच्छी कोशिश हो रही है, इसे बनाये रखें .. बहुत लम्बी यात्रा तय करनी है.

शुभेच्छाएँ

Comment by Akhand Gahmari on February 20, 2014 at 7:54pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी मेरा नमन स्‍वीकार करे आदरणीया शशी पवार जी

Comment by Akhand Gahmari on February 20, 2014 at 7:53pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी मेरा नमन स्‍वीकार करे आदरणीय ब्रजेश नीरज जी

Comment by Akhand Gahmari on February 20, 2014 at 7:53pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी मेरा नमन स्‍वीकार करे आदरणीय जितेन्‍द्र गीत जी

Comment by Akhand Gahmari on February 20, 2014 at 7:53pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी मेरा नमन स्‍वीकार करे आदरणीय श्‍याम नारायण वर्मा जी

Comment by Akhand Gahmari on February 20, 2014 at 7:52pm

आपके उत्‍साहवर्धन एवं मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी मेरा नमन स्‍वीकार करे आदरणीय नीरज कुमार नीर जी

Comment by shashi purwar on February 20, 2014 at 9:10am

सुन्दर रचना है आदरणीय , हार्दिक बधाई

Comment by बृजेश नीरज on February 19, 2014 at 11:43pm

अच्छी रचना है! आपको हार्दिक बधाई!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on February 19, 2014 at 7:43pm

बहुत सुंदर गीत आदरणीय अखंड जी, हार्दिक बधाई आपको

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