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[वसंतपंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती के श्रीचरणों में श्रद्धा स्वरुप ये कविता-सुमन]

हे माँ सरस्वती!
तुमसे है मेरी विनती।
सदा करूँ तुम्हारी भक्ति,
यही वर दो भगवती।
हे माँ सरस्वती!
मेरे मनमंदिर में सदा
रहो, इसी तरह से माँ।
मुझे कभी छोड़ न देना,
किसी तरह से, हे माँ !
यही आशीष दो भगवती।
हे माँ सरस्वती !
सदा रखना मेरे मस्तक पर,
अपना हाथ,हे आदिशक्ति।
लीन रहूँ तुम्हारी साधना में,
करती रहूँ तुम्हारी भक्ति।
मुझे यही वर दो भगवती।
हे माँ सरस्वती !
अज्ञान का अन्धकार,
अब तो मिटा दो माता।
देकर ज्ञान संसार को,
प्रकाश फैला दो माता।
यही वर दो भगवती।
हे माँ सरस्वती !
ज्ञानमय हो संसार सारा,
सुन लो माँ मेरी प्रार्थना।
देकर तुम शुभाशीष,पूर्ण
कर दो ये मेरी कामना।
यही वर दो भगवती।
हे माँ सरस्वती !
'सावित्री राठौर'
[मौलिक एवं अप्रकाशित]

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Comment

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Comment by Savitri Rathore on February 4, 2014 at 10:25pm

सराहना हेतु आभार मीना जी,शुभ वसंत!

Comment by Savitri Rathore on February 4, 2014 at 10:20pm

आपका बहुत आभार मदनमोहन जी!

Comment by Savitri Rathore on February 4, 2014 at 10:18pm

धन्यवाद कुंती जी ! पर इतना कहना चाहूंगी कि मेरा नाम सावित्री है,सविता नहीं,सम्भवतः आपने जल्दी में सविता लिख दिया है।

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 4, 2014 at 6:52pm

माँ शारदा के प्राकट्य दिवस बसंत पंचमी पर सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई आदरणीया सावित्री राठौर जी 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 4, 2014 at 6:42pm

आदरणीया सावित्री जी , भाव पूर्ण माँ सरस्वती प्रार्थना के लिये आपको बधाई ॥

Comment by Sarita Bhatia on February 4, 2014 at 4:57pm

सुन्दर 

Comment by Meena Pathak on February 4, 2014 at 1:02pm

सुन लो माँ मेरी प्रार्थना। 
देकर तुम शुभाशीष,पूर्ण 
कर दो ये मेरी कामना। 
यही वर दो भगवती। 
हे माँ सरस्वती !......................... बहुत सुन्दर स्तुति 

Comment by Madan Mohan saxena on February 4, 2014 at 11:14am
हे माँ सरस्वती !
ज्ञानमय हो संसार सारा,
सुन लो माँ मेरी प्रार्थना।
देकर तुम शुभाशीष,पूर्ण
कर दो ये मेरी कामना।
यही वर दो भगवती।
हे माँ सरस्वती ! बहुत सुंदर
Comment by coontee mukerji on February 4, 2014 at 3:09am

बहुत सुंदर रचना  सविता जी.आपके साथ साथ हमने भी सरस्वती वंदना कर ली. साधुवाद.

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