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औरत और नदी

………

औरत जब करती है

अपने अस्तित्व की तलाश और

बनाना चाहती है

अपनी स्वतंत्र राह -

पर्वत  से बाहर

उतरकर

समतल मैदानों में .

उसकी यात्रा शुरू होती है

पत्थरों के बीच से

दुराग्रही पत्थरों को काटकर

वह बनाती है घाटियाँ

आगे बढ़ने के लिए

पर्वत उसे रखना चाहता है कैद

अपनी बलिष्ठ भुजाओं में

पहना कर अपने अभिमान की बेड़ियाँ,

खड़े करता है,

कदम दर कदम अवरोध .

उफनती , फुफकारती , लहराती

अवरोधों को जब मिटाती है औरत

कहलाती है उच्छृन्खल.

औरत जब तोड़ती है तटबंध

करती है विस्तार

अपने पाटों का 

अपने आस पास के परिवेश को

बना देती है उर्वरा

चारो और खिल उठता है नया जीवन

वह बन जाती है पूजनीया

कहलाती है गंगा ..

... नीरज कुमार नीर ..

मौलिक एवं अप्रकाशित 

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Comment

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Comment by Neeraj Neer on January 12, 2014 at 9:37am

आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी आपका हार्दिक आभार 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 12, 2014 at 9:03am

औरत जब तोड़ती है तटबंध

करती है विस्तार

अपने पाटों का 

अपने आस पास के परिवेश को

बना देती है उर्वरा

चारो और खिल उठता है नया जीवन

वह बन जाती है पूजनीया

कहलाती है गंगा ................... आदरणीय नीरज भाई , औरत और नदी की बहुत सुन्दर तुलना हुई है , लाजवाब रचना के लिये बधाई ॥

Comment by coontee mukerji on January 11, 2014 at 4:29pm

बहुत सुंदर रचना...आपने बहुत कुछ व्यक्त कर दिया है इस रचना के माध्यम से....हार्दिक बधाई

Comment by Abhinav Arun on January 11, 2014 at 2:48pm

श्री नीरज नीर जी भावपूर्ण सशक्त  के  लिए हार्दिक साधुवाद !!

Comment by Shyam Narain Verma on January 11, 2014 at 1:20pm
बहुत सुन्दर भावों से सजी रचना बहुत 2 बधाई आदरणीय ....
Comment by Meena Pathak on January 11, 2014 at 12:34pm

उफनती , फुफकारती , लहराती

अवरोधों को जब मिटाती है औरत

कहलाती है उच्छृन्खल.

औरत जब तोड़ती है तटबंध

करती है विस्तार

अपने पाटों का 

अपने आस पास के परिवेश को

बना देती है उर्वरा

चारो और खिल उठता है नया जीवन

वह बन जाती है पूजनीया

कहलाती है गंगा ...................... बहुत सुन्दर ,, बधाई आप को आ० नीरज जी | सादर 

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on January 11, 2014 at 11:46am

आदरणीय नीरज भाई , नदी से  औरत की तुलनाकर दोनों को पूर्णता प्रदान करने का सुंदर प्रयास गीत के माध्यम से किया है। हार्दिक बधाई। 

कृपया ध्यान दे...

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