For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कल तक थी जाने कहाँ

आज आ रही है पास वो

देख नहीं पाये जो

जीवन के रंगों को

ले रही उन्‍हें भी

अपने आगेाश में वो

ना सुना नाम कभी

ना जाना पहचान ही

चुपके से चली आयी वो

तोड़ने उनकी सॉसे को

इल्‍जाम कभी लेती नहीं

अपने दामन पर वो कभी

है इल्‍जाम उनहीं पे

खत्‍म करती जिसका

जीवन वो

जीवन में नहीं रंग उतने

नाम उनका उतना हैं

आ जाती है चुपके से वो

जाने कब जीवन में

हो कर शिकार उनका  

छोड जाते जीवन को

पहले वाली बात नहीं अब

जब शिकार होते बुढे़ थे

क्‍या बच्‍चे

क्‍या जवान

शिकार होते नौनिहाल भी

नाम बडा है

काम बडा है

आताी पास वो

आसानी से

तुरंत आते आशोग में उनके

देखते रह जाते अपने सारे

एडस,कैसर,

जाने क्‍या क्‍या

नाम उनका

आता नित्‍य नया नया है

दिल जिसका शांत है

शिकार हो रहा

दिल के दौरे का

सुनी करती गोद किसकी

करती वो सूनी माँग है

करती बच्‍चे को अनाथ

तोड़ती राखी का प्‍यार है

आँखे गीली  ना कर पाता

पिता का ऐसा भाग्‍य है

कल जो करते थे बाते

देते आज मुखाअग्नि हैं

पूरे जीवन को

तहस नहत

कर जाती है

ये बिमारीयॉं

कर देती मजूबर ये

बीमारीयाँ

जीवन भर रोने को

मजबूर कर देती है

अखंड ये बीमारीयाँ

ये बीमारीयाँ।।

 

मौलिक एवं अप्रकाशित अखंड गहमरी की रचना

 

 

Views: 714

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Akhand Gahmari on December 25, 2013 at 11:27pm

आदरणीया coontee mukerji जी उत्‍साहवर्धन एवं आपके मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है प्रणाम स्‍वीकार करें

Comment by Akhand Gahmari on December 25, 2013 at 11:26pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी उत्‍साहवर्धन एवं आपके मार्गदर्शन के हम सदैव आकांक्षी है प्रणाम स्‍वीकार करें

Comment by coontee mukerji on December 25, 2013 at 9:26pm

जीवन का किताना कटु सत्य छिपा है इस रचना में.सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 25, 2013 at 4:43pm

आदरणीय अखंड भाई , सुन्दर रचना के लिये आपको बधाई ॥

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
yesterday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service