For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल - (रवि प्रकाश)

हमारे नाम का चर्चा हुआ होगा सितारों में।
ज़माना खोजता होगा हमें भी बेसहारों में॥
.
किसी ने हाथ छोड़ा तो बढ़ा के रुक गया कोई,
हमारी तंगहाली भी नज़ारा थी नज़ारों में।
.
छुपाते हैं जिसे दिल में उसे ही छीन लेता है,
न जाने कौन क़ातिल है हमारे राज़दारों में।
.
न मुड़ के देखती है फिर लहर जो लौट जाती है,
बड़ी गहरी उदासी है समंदर के किनारों में।
.
रिवाज़ों के,समाजों के अजब रंगीन किस्से हैं,
वही जिनसे अदावत थी जमा हैं सोगवारों में।
.
'रवी' अपनी ज़ुबानी ये कहानी क्या बयाँ होगी,
वही समझे,वही जाने लुटा हो जो बहारों में॥
.
-मौलिक एवं अप्रकाशित।
-04.12.2013

Views: 1109

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Ravi Prakash on December 5, 2013 at 11:18pm
इतना स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए कोटिश: धन्यवाद डा॰ आशुतोष जी । कृपया मार्गदर्शन करते रहें।
Comment by Dr Ashutosh Mishra on December 5, 2013 at 9:11pm

रवी' अपनी ज़ुबानी ये कहानी क्या बयाँ होगी,
वही समझे,वही जाने लुटा हो जो बहारों में॥
.रवि जी बहुत ही बढ़िया ग़ज़ल ..हर शेर एक अनुभव बयां करता है ..अंतिम शेर बिलकुल सच बयां करता है ..मेरी तरफ से ढेरों बधाई स्वीकार करें 

Comment by Ravi Prakash on December 5, 2013 at 8:24pm
परम श्रद्धेय डा॰ गोपाल जी, आपको रचना अच्छी लगी, जान कर मन को असीम आनंद प्राप्त हुआ। स्नेह बनाए रखें। पुनः धन्यवाद।
Comment by Ravi Prakash on December 5, 2013 at 8:21pm
ज़र्रानवाज़ी के लिए शुक्रिया आ॰ मनु जी एवं राजेश मृदु जी।
Comment by Ravi Prakash on December 5, 2013 at 8:19pm
सराहना तथा उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद आदरणीय विजय मिश्र जी। आशीर्वाद बनाए रखें॥
Comment by जगदानन्द झा 'मनु' on December 5, 2013 at 8:18pm

बहुत  बढि़या ग़ज़ल ....

Comment by Ravi Prakash on December 5, 2013 at 8:17pm
आ॰ निलेश जी, सुझाव एवं मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। स्नेह बनाए रखें।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 5, 2013 at 7:34pm

रवि प्रकाश जी

बड़े तराशे  हुए अशआर हैं i मजा आ गया i

Comment by राजेश 'मृदु' on December 5, 2013 at 5:52pm

अहा.... बहुत ही बढि़या रचना हुई है, सादर

Comment by विजय मिश्र on December 5, 2013 at 5:41pm
खूबसूरत गजल ,रविजी भावनाएँ हर बंद में उमर -घुमर कर आयीं हैं , जो मेरे मन को सबसे ज्यादा भायी वो ये है
"किसी ने हाथ छोड़ा तो बढ़ा के रुक गया कोई,
हमारी तंगहाली भी नज़ारा थी नज़ारों में।" -- कसकता है | अनेक शुभकामनाएँ ||
.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
18 hours ago
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service