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अतुकांत कविता - नि:शब्द (गणेश जी बागी)

शब्द कोष से संकलित
क्लिष्ट शब्दों का समुच्चय
गद्यनुमा खण्डित पक्तियों में
शब्द संयोजन
कथ्य और प्रयोजन से कोसों दूर

लक्ष्यहीन तीरों के मानिंद
बिम्ब और प्रतीक
कही तो जा धसेंगे
बस
वही होगा लक्ष्य
फिर.......
पाठक का द्वन्द्ध
बार-बार पढ़ना
पग-पग पर अटकना
समझने का प्रयत्न
गुणा भाग, जोड़ घटाव
सुडोकू सुलझाने का प्रयास
और अंततः
एक प्रतिक्रिया
नि:शब्द हूँ ।

***

(मौलिक व अप्रकाशित)

पिछला पोस्ट =>लघुकथा : छवि

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Comment

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मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 12:22pm

प्रिय अनुज अरुन अनंत जी, निश्चित ही अतुकांत शैली में संतुलित कविता सृजन एक कठिन कार्य है, टिप्प्णी हेतु बहुत बहुत आभार । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 12:20pm

आदरणीय जीतेन्द्र जी, रचना पर आपकी उपस्थिति और टिप्प्णी मुग्धकारी है । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:48am

आहा ! आदरणीय निगम साहब, कम शब्दों में आपने इस कविता का सारांश लिख दिया, बहुत बहुत आभार ।


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:44am

आदरणीया डॉ प्राची जी, आपकी उपस्थिति और मंतव्य दोनों का ह्रदय से स्वागत है, उत्साहवर्धन करती टिप्प्णी हेतु बहुत बहुत आभार । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:42am

आदरणीय सिज्जू शकूर जी, उत्साहवर्धन करती टिप्प्णी हेतु आभार । 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 7, 2013 at 10:41am

आदरणीय डॉ आशुतोष मिश्रा जी, आपको कविता पसंद आयी जान अच्छा लगा, आपके कहे को मैं दिल से सम्मान देता हूँ आभार आपका । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 6, 2013 at 11:23pm

आदरणीय सौरभ भाई , मैने सोचा आदरणीय बागी जी कहने का अर्थ यही है , तो उनकी रचना से ध्यान न बटे इसी लिये हटाया !!! अब आगे से आपकी बात का ध्यान रखूंगा !!! प्लीज़ आप न कहा करें !!! आपका अधिकार है मुझ पर !!!!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 6, 2013 at 11:09pm

//प्रश्न हटा लिया हूँ , वक़्त देख कर सही जगह पूछ लूंगा !!//

आदरणीय गिरिरज जी, ऐसा स्वयं न किया करें. इससे गलत संदेश जाता है. इसके लिए ऐडमिन से अनुरोध किया जाता है.

प्लीज ..


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 6, 2013 at 11:05pm

आदरणीय गणेश भाई , आपका सुझाव सर आँखों पर , प्रश्न हटा लिया हूँ , वक़्त देख कर सही जगह पूछ लूंगा !!!! आपका आभार !!!


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 6, 2013 at 10:56pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी भाई साहब, प्रस्तुत प्रश्न बहुत ही बढ़िया है किन्तु स्थान उचित नहीं, इस प्रश्न के चक्कर में मेरी रचना से ध्यान डायबर्ट होगा, कृपया सुझाव शिकायत समूह में आप अपना प्रश्न रखें |

कृपया ध्यान दे...

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