For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सृजन-सृजन (अतुकांत) ...............डॉ० प्राची

शब्द तरंगहीन 
      गहनतम 
      सान्द्रतम 
      और 
      निर्बाध उन्मुक्तता में अवस्थित
      विलगता-विलयन के 
      सुलझे तारों पर स्पंदित
मन का अंतर्गुन्जन... / मदमस्त
जब चुन बैठे कोई स्वप्न 
और 
नियति 
चरितार्थ करने को हो बाध्य !
तब,
विधि विधान विधाता 
विलयित हो
उन्मुक्त मनःस्पंदन में 
खेलते है  ..सृजन-सृजन !

(मौलिक और अप्रकाशित) 

Views: 1095

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 28, 2013 at 8:28am

आदरणीय जितेन्द्र जी 

मेरी अभिव्यक्तियों का ठहराव व अंतर्धारा आपको पसंद आती है.....यह जानना संतुष्टि/शान्ति प्रदान कर रहा है 

धन्यवाद इस रचना पर आपके सराह्नात्मक अनुमोदन के लिए.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 28, 2013 at 8:25am

प्रिय गीतिका जी 

आपने अभिव्यक्ति के मर्म को जिस सद्ग्राह्यता से स्पर्श किया है..उसने अभिव्यक्ति की सम्प्रेषनीयत के प्रति आश्वस्ति प्रदान की है 

//वास्तव मे सृजन नियोजन से नहीं होता वरन यह प्रफुल्लित मनोभावों का उत्पादनकारी परिणाम है//... यही मर्म है...हर सृजन का ...इसी के चलते मनुष्य अपना भाग्य विधाता स्वयं ही है...

हार्दिक धन्यवाद रचना को समझने के लिए और सराहने के लिए.

सस्नेह 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 28, 2013 at 8:22am

आ० चन्द्र शेखर पाण्डेय जी 

शब्दों की भाव कथ्य सांद्रता पर आपका अनुमोदन ....//व्यंजना चरम पर है//...बहुत संतुष्टिदायक लगा. 

इस तरह की अभिव्यक्ति एक विस्तार की समग्रता को जीती हैं...पाठकजन अपने अनुसार उसे विविध सन्दर्भों में समझ सकते हैं.... और हर अर्थ में वो पूर्णता से ही तथ्यपरकता को संतुष्ट करती है.

आपकी सराहना के लिए हार्दिक आभार,


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 28, 2013 at 8:13am

आदरणीय गिरिराज भंडारी जी 

आपकी प्रतिक्रया पढ़ बहुत देर तक सोचती रही कि क्या लिखूं...

कल्पनातीत विषय है....इस पर सिर्फ इतना ही कहूँगी अभी कि 'बुद्धि'( किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, पर वस्तुतः बुद्धि -माइंड की) की अपनी सीमाए हैं.. खैर ज्यादा कहना उचित नहीं.

आपको अभिव्यक्ति का कथ्य, विषयवस्तू  पसंद आई , यह जानना मेरे लिए संतोषकारी है.

सादर धन्यवाद. 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 28, 2013 at 8:03am

रचना आपको पसंद आयी, जान कर बहुत अच्छा लगा 

हार्दिक धन्यवाद आ० राजेश कुमारी जी 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 28, 2013 at 8:01am

आदरणीय डॉ० गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी 

अभिव्यक्ति के शब्द चयन , कथ्य, भाव दशा के साथ अनुभूतियों को मान देने के लिए आपका शत शत आभार.

सादर.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on November 28, 2013 at 7:59am

अभिव्यक्ति की कथ्य सांद्रता अनुमोदित करने के लिए धन्यवाद नीरज मिश्रा जी 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 28, 2013 at 7:04am

गहरे जल की तरह उत्कृष्ट शब्द व् भाव ,आपकी रचना में हमेशा पढने को मिले है, मद्धम मद्धम प्रवाह ली हुयी पंक्तियों पर बधाई स्वीकारें आदरणीया डा. प्राची जी

Comment by वेदिका on November 28, 2013 at 1:04am

खेलते है 

..सृजन-सृजन !....इन शब्दों के प्रति समर्पण व्यक्त करती हूँ| वास्तव मे सृजन नियोजन से नहीं होता वरन यह प्रफुल्लित मनोभावों का उत्पादनकारी परिणाम है| सृजन मे संलग्न सृजयिता की अंतरंगता को गहन शब्दों मे परिभाषित किया है आपने आ0 प्राची दीदी!

उत्कृष्ट रचना के रचे जाने के लिए आपको हार्दिक बधाई !!

Comment by CHANDRA SHEKHAR PANDEY on November 27, 2013 at 11:36pm
व्यंजना चरम पर है। मनः स्थितियों के ध्रुवीकरण का चित्रण और लेखन -कर्म के नियामक के प्रति समर्पण देखते बना है। सबहि नचावत राम गुसाईं!!।चाहे वो हमारे मानसिक वाचिक या किसी भी प्रकार के कर्म हों । चेतना का प्रस्फुटन हो भावों का उद् बोधन हो या फिर
उनका प्रकाशन!
रचना मानसिक श्रम की मांग करती है!
उत्कृष्ट रचना हेतु बधाई

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
9 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
yesterday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service