For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

इक शख़्स इस हयात का नक़्शा बदल गया

इक शख़्स इस हयात का नक़्शा बदल गया।

दिल के चमन का रंगो बू सारा बदल गया॥

सोचा था अब न प्यार करेगा किसी से दिल,

उससे मिला तो सारा इरादा बदल गया॥

महफिल में हो रही थी उसी की ही गुफ़्तगू,

देखा उसे तो सबका ही चेहरा बदल गया॥

जबसे उसे सहारा किसी और का मिला,

उस दिन से बातचीत का लहज़ा बदल गया॥

अब रात दिन ख़यालों में ख़्वाबों में है वही,

अंदाज़ मेरे जीने का सारा बदल गया॥

आए गए हज़ार मगर कुछ नहीं हुआ,

इक वो चला गया तो ज़माना बदल गया॥

जिसको समझ रहे थे कि बदलेगा न कभी,

पहचानता नहीं है अब ऐसा बदल गया॥

हमराज़ हमसफ़र भी थे मंज़िल भी एक थी,

आया इक ऐसा मोड़ कि रस्ता बदल गया॥

“सूरज” किसी से प्यार अगर मांगना पड़े,

समझो वहीं पे प्यार का रिश्ता बदल गया॥

डॉ॰ सूर्या बाली “सूरज”

( मौलिक और अप्रकाशित )

Views: 936

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on October 25, 2013 at 3:55pm

//इक शख़्स इस हयात का नक़्शा बदल गया।

दिल के चमन का रंगो बू सारा बदल गया॥

सोचा था अब न प्यार करेगा किसी से दिल,

उससे मिला तो सारा इरादा बदल गया॥// वाह बहुत खूब आदरणीय डॉ बाली सर खूबसूरत अशआर हैं दिली दाद कुबूल करें

//जबसे मिला सहारा किसी और का उसे,

उस दिन से बातचीत का लहज़ा बदल गया

कुछ भी असर हुआ नहीं आए गए हज़ार,

इक वो चला गया तो ज़माना बदल गया// लाजवाब

पूरी ग़ज़ल के लिये दाद कुबूल करें,आपकी ग़ज़ल का हमेशा बेसब्री से इंतजार रहता है


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 25, 2013 at 2:00pm

आदरणीय सूर्य बाली भाई , लाजवाब कज़ल कही  है , ढेरों दाद कुबूल करें !!!!!

“सूरज” किसी से प्यार अगर मांगना पड़े,

समझो वहीं पे प्यार का रिश्ता बदल गया॥ --------------वाह वा !!!!!!!

Comment by Saarthi Baidyanath on October 25, 2013 at 1:40pm

सोचा था अब न प्यार करेगा किसी से दिल,

उससे मिला तो सारा इरादा बदल गया॥.....गज़ब ...असरदार !..शकील साहिब की बातें मुनासिब लग रही हैं ..बाकी ग़ज़ल ..वाह ! :)

आते रहिये बज़्म में और गुनगुनाते रहिये साहिब .....

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on October 25, 2013 at 1:33pm

जबसे मिला सहारा किसी और का उसे,

उस दिन से बातचीत का लहज़ा बदल गया॥

कुछ भी असर हुआ नहीं आए गए हज़ार,

इक वो चला गया तो ज़माना बदल गया॥

शकील भाई शायद अब आपकी शिकायत दूर हो गयी होगी और एडमिन महोदय से निवेदन है की शेर नंबर 4 और 6 को उपरोक्त दो शेरों से बदल दें। 

धन्यवाद 

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on October 25, 2013 at 12:39pm

जी शकील भाई आपका बहुत बहुत शुक्रिया। आपकी बात से पूर्णतया सहमत हूँ। दोनों शेरों में टकबूले रदीफ़ है जो  उल मिसरे मे आ के आने से हो रही है...इसे दुरुस्त कर दी जाएगी। ध्यान दिलाने के पुनः आपका आभार। 

Comment by शकील समर on October 25, 2013 at 12:24pm

आदरणीय डॉ. सूर्या बाली "सूरज" सर
मैंने पहली बार इस मंच पर आपको पढ़ा। काफी खुशी हो रही है।

सोचा था अब न प्यार करेगा किसी से दिल,
उससे मिला तो सारा इरादा बदल गया॥

उनके जलवे को मेरा भी सलाम, जिनसे मिलकर आपका इरादा बदल गया। :P

एक जिज्ञासा है सर। तकाबुले रदीफ के बारे में मैंने जो पढ़ा है उस आधार पर यह दोष शेअर संख्या 4 और 6 में नजर आ रहा है। क्या वाकई ऐसा है? थोड़ी रहनुमाई कर दीजिए।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service