For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ये जो मेरे ख्याल हैं न..
दरिया में तहलील बूंदों की माफिक
तुम में अपने मायने ढूंढते हैं..
 
ये चाहें धूप में पिघल जाएँ
भाप की शक्लें पहनकर
 
या मीलों कर लें परवाज़
कहीं बादलों में छुपकर
 
 
गुलाब की पंखुड़ियों से झांकें
ओस की शक्लों में
 
या फिर किसी टूटे पत्ते
की मानिंद उड़ते रहें इधर-उधर
 
ये बहुत कोशिशों के बाद
अब भी 'तुम' तलक ही पहुँच पाते हैं..
 
तुमने तो अब ख्यालों की भी हदें बाँध दी हैं...


(तहलील= विलीन / डूबा हुआ / immersed; मायने= अर्थ / meaning; परवाज़= उड़ान)

Views: 593

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by विवेक मिश्र on June 15, 2011 at 11:47pm
@ Rector Kathuria Ji & Guru Ji- Aapko meri koishish roochi. Haardik aabhaar..
Comment by Rash Bihari Ravi on June 6, 2011 at 8:02pm
khubsurat
गुलाब की पंखुड़ियों से झांकें
ओस की शक्लों में
 
या फिर किसी टूटे पत्ते
की मानिंद उड़ते रहें इधर-उधर
 
ये बहुत कोशिशों के बाद
अब भी 'तुम' तलक ही पहुँच पाते हैं.
lajabab
Comment by Rector Kathuria on February 27, 2011 at 9:10pm
विवेक मिश ताहिर जी बहुत खूब...बहुत खूब....बहुत ही गहरी बात कही आपने... ....
ये बहुत कोशिशों के बाद
अब भी 'तुम' तलक ही पहुँच पाते हैं..
 
तुमने तो अब ख्यालों की भी हदें बाँध दी हैं...

Comment by विवेक मिश्र on January 24, 2011 at 7:45pm
मेरा प्रयास आपको पसंद आया. हार्दिक आभार.
Comment by आशीष यादव on January 20, 2011 at 12:07pm
विवेक सर, बहुत खुबसूरत लगी आपकी ये नज़्म| पढ़ते समय एक खुबसूरत आनंद मिल रहा है|
Comment by विवेक मिश्र on January 14, 2011 at 5:26pm
नवीन सर, भास्कर जी और अरुण जी- आपकी टिप्पणियों के लिए हार्दिक आभार.
Comment by Abhinav Arun on January 14, 2011 at 11:41am
विवेक जी खूबसूरत ख्यालों की बेहद खूबसूरत अदायगी | बहुत बढियां , बधाई ||| और संयोजित चित्र चार चाँद लगा रहे हैं >>>!!!!!
Comment by Bhasker Agrawal on January 14, 2011 at 10:13am
सुन्दर प्रस्तुति...बहुत खूब
Comment by विवेक मिश्र on January 13, 2011 at 2:05am

Shukriya Ganesh Bhai.. Aapki Tippani bahumoolya hai.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 12, 2011 at 6:16pm
ख्यालों की हदे ............शायद अभी तक नहीं बने , बहुत ही सुंदर काव्य कृति है विवेक भाई , बेहतरीन अभिव्यक्ति हेतु साधुवाद स्वीकारें |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
14 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
17 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
22 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
yesterday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service