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चाँद जो आया
रात के आँगन में
तारे चमके
चांदनी की गोद में
ठंडी सी हवा
मन को लहराए
ख्वाबो  के साये
नींदों को हैं जगाये
सोच रही हूँ
ख़ामोशी इतनी क्यों
मीठी सी लागे
जो  गीत धरा गाये
रात गुदगुदाए .........सविता अगरवाल 

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Comment by savita agarwal on October 17, 2013 at 4:56pm

आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी आभार आपका...


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 17, 2013 at 12:37am

चोका विधान पर बेहतर चर्चा.. .

हार्दिक धन्यवाद, भाई अरुन अनन्त जी

आदरणीय सविताजी, रचना के लिए हार्दिक धन्यवाद.

Comment by savita agarwal on October 10, 2013 at 4:50pm
अरुण शर्मा जी आभार आपका मार्गदर्शन करने हेतु.........रचना में मूलतया गलती उसकी पंक्तियों की संख्या में हैं जो मुझे ज्ञात नही थी .....यानी 25-27-29-31……का होना ....शायद अगला प्रयास सफल रहे ...
Comment by अरुन 'अनन्त' on October 10, 2013 at 4:22pm

आदरणीया मुझे इसका नियम कुछ इस प्रकार से ज्ञात है. कृपया आप भी देख लें.

चोका [ लम्बी कविता] पहली से तेरहवीं शताब्दी में जापानी काव्य विधा में  महाकाव्य की  कथाकथन शैली रही है । मूलत; चोका गाए जाते रहे हैं ।चोका का वाचन उच्च स्वर में किया जाता रहा है ।यह प्राय: वर्णनात्मक रहा है । इसको एक ही कवि रचता है।इसका नियम इस प्रकार  है -
5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7 और अन्त में +[एक ताँका जोड़ दीजिए।] या यों समझ लीजिए कि  समापन करते समय  इस क्रम के अन्त में  7 वर्ण की एक और पंक्ति जोड़ दीजिए । इस  अन्त में जोड़े जाने वाले ताँका से पहले कविता की लम्बाई की सीमा नहीं है । इस कविता में मन के पूरे भाव आ सकते हैं ।
इनका कुल पंक्तियों का योग सदा विषम संख्या [ ODD] यानी 25-27-29-31……इत्यादि   ही होगा  ।

रामेश्वर  काम्बोज  'हिमांशु ' ; डॉ . हरदीप  कौर  सन्धु

Comment by savita agarwal on October 10, 2013 at 4:15pm
आभार आपका गिरिराज जी .........अन्नपूर्णा जी आभार .......ग्रुप के सभी सदस्यों को मेरा नमन
Comment by annapurna bajpai on October 10, 2013 at 1:44pm

सविता जी चोका विधा की  रचना के साथ ओ बी ओ परिवार मे पदार्पण के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 9, 2013 at 5:36pm

आदरणीया सविता जी ,  सुन्दर भाव पूर्ण रचना के लिये बधाई !!!!! चोका विधा से परिचय कराने के लिये आपका शुक्रिया !!!

Comment by savita agarwal on October 9, 2013 at 2:54pm
*चोका जापानी काव्य शैली की लम्बी कविता है जिस में 5 +7 5 +7 +5
का क्रम होता है और अंत में ताँका [ 5 +7 +5 +7 +7 ] जोड़ दिया जाता है ।
--------------अरुनशर्मा जी .......मुझे ये ही ज्ञात हैं ...गलती कहा हैं मार्गदर्शन करे....
Comment by अरुन 'अनन्त' on October 9, 2013 at 12:00pm

आदरणीया सविता जी ओ बी ओ परिवार में आपका स्वागत है, आपकी रचना का भाव बहुत सुन्दर लगा मुझे, चोका का नियम जो मुझे ज्ञात है शायद ऐसा होता है आपकी रचना इस नियम पर नहीं कृपया अवगत करायें. हो सकता मैं नियम से अनभिज्ञ हूँ. खैर इस प्रसतुति पर बधाई स्वीकारें.

5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7+5+7

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