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चाहे छोटी हो या बड़ी बेटी

चाहे छोटी हो या बड़ी बेटी
दिल में रहती है हर घड़ी बेटी
उसके दम से है रौशनी घर में
जैसे दीपों की हो लड़ी बेटी
उससे होली भी है दीवाली भी
वो है प्यारी सी फुलझड़ी बेटी
जब कभी घर में हो गई अनबन
तो बनी प्यार की कड़ी बेटी
इस तरह से संभालती है मुझे
जैसे हो मुझसे भी बड़ी बेटी
कैसे दुनियां को जान पायेगी

घर में शामो सहर पड़ी बेटी

मौलिक व अप्रकाशित

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 11, 2013 at 4:49pm

बिटिया को समर्पित हृदय स्पर्शी खूबसूरत गज़ल 

बरबस गुनगुनाने को बाध्य करती सुन्दर प्रस्तुति पर बहुत बहुत बधाई 

Comment by Sushil Thakur on September 10, 2013 at 11:40pm

bahut bahut shukriya sabhi aadarneey ka

Comment by annapurna bajpai on September 10, 2013 at 10:19pm

 आ0 सुशील जी बेटियाँ ऐसी ही होती है , बहुत बधाई आपको सादर ।

 

 

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on September 10, 2013 at 8:27pm
चाहे छोटी हो या बड़ी बेटी
दिल में रहती है हर घड़ी बेटी 
उसके दम से है रौशनी घर में
जैसे दीपों की हो लड़ी बेटी 
बहुत ही सुन्दर रचना! यही भाव हम सबके दिल में रहनी चाहिए!
Comment by Parveen Malik on September 10, 2013 at 7:15pm
बेटियाँ खुशियों का संसार समाये हुये हैं खुद में बस जरूरत है तो महसूस करने की ... बहुत बढिया रचना आदरणीय .....बधाई !!
Comment by Dr Ashutosh Vajpeyee on September 10, 2013 at 1:21pm

sunder kriti

Comment by रविकर on September 10, 2013 at 11:28am

बहुत सुन्दर प्रस्तुति है आदरणीय-
बधाई स्वीकारें
सादर

चिंतित मानस पटल है, विचलित होती बुद्धि |
प्रतिदिन पशुता बलवती, दुष्कर्मों में वृद्धि |


दुष्कर्मों में वृद्धि, कहाँ दुर्गा है सोई |
क्यूँ नहिं होती क्रुद्ध, जगाये उनको कोई |


कर दे माँ उपकार, दया कर दे माँ समुचित |
हम बेटी के बाप, हमेशा रहते चिंतित ||

Comment by Anil Chauhan '' Veer" on September 10, 2013 at 9:13am

बहुत ही शानदार और मार्मिक ग़ज़ल शुशील जी ... बधाई स्वीकार करें ...

Comment by Meena Pathak on September 9, 2013 at 10:49pm

बेटी एक प्यारा सा रिश्ता एक प्यारा सा एहसास !!

बहुत सुन्दर रचना .. हार्दिक बधाई

Comment by vijayashree on September 9, 2013 at 10:40pm

घर भर की है शान बेटियाँ 

जीवन की है आन बेटियाँ 

दिल में  जो बस जाती है 

वो प्यारा अहसास बेटियाँ 

बेटियों के प्रति बहुत प्यारा अहसास दर्शाती सुंदर अभिव्यक्ति 

हार्दिक बधाई सुशील ठाकुर जी 

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