For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सितार के

सुरमई तारों की झंकार से

गूँज उठी

स्वप्न नगरी..

समय के धुँधलके आवरण से

शनैः शनैः

प्रस्फुटित हो उठी

एक आकृति

अजनबी

अनजान..

स्वप्नीली पलकें

संतृप्त मुस्कान

प्राण-प्राण अर्थ

निःशब्द..

निःस्पर्श स्पंदन

कण-कण नर्तन

क्षण विलक्षण

मन प्राण समर्पण

सखा-साथी-प्रिय-प्रियतम-प्रियवर

अनकहे वायदे, गठबंध परस्पर - हमसफ़र !

 

Views: 973

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Meena Pathak on September 4, 2013 at 11:11am

सहमत हूँ आप से आ० बृजेश जी ...

Comment by बृजेश नीरज on September 4, 2013 at 10:45am

//डा० प्राची,  आपकी इस रचना की अंतिम से पूर्व वाली पंक्ति का तीसरा शब्द प्रयोग करने की अनुमति मिले, तो अपनी टिपण्णी इस रचना के लिए करूं ...//

इस तरह की टिप्पणियां आपत्तिजनक हैं। बेहतर है कि यहां की परिपाटी के अनुसार आदरणीय और आदरणीया जैसे संबोधनों का ही प्रयोग किया जाए। इस मंच पर जो परिवार जैसा माहौल है उसे बरकरार रखने में सभी सदस्य सहयोग करें जिससे कि सार्थक चर्चाओं में सभी सदस्य निसंकोच होकर प्रतिभाग कर सकें।

सादर!

Comment by vijay nikore on September 1, 2013 at 4:40pm

इस सुन्दर रचना के लिए आपको बधाई।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 1, 2013 at 9:18am

अभिव्यक्ति का अनुमोदन कर बधाई संप्रेषित करने के लिए धन्यवाद आ० सौरभ जी 

टंकण त्रुटि की ओर ध्यानाकर्षण के लिए भी आभार 

सादर.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on September 1, 2013 at 9:17am

अभिव्यक्ति का शब्द संयोजन सराहने के लिए आभार प्रिय राम शिरोमणि पाठक जी 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 1, 2013 at 1:53am

आत्मीय के प्रति भाव-स्वर अनहद की आवृत्ति को जीता है. भाव-उद्बोधन की पराकाष्ठा सभी सम्बोधनों से परे या समस्त सम्बोधनों को समाहित किये हुए होती है.

इस अभिव्यक्ति के लिए हार्दिक बधाइयाँ, डॉ, प्राची.

टंकण त्रुटियाँ हैं. देख लीजियेगा.

सादर

Comment by ram shiromani pathak on August 30, 2013 at 9:46pm

समय के धुँधलके आवरण से

शनैः शनैः

प्रफुटित हो उठी

एक आकृति

अजनबी

अनजान..

स्वप्नीली पलकें

संतृप्त मुस्कान///////////वाह आदरणीया प्राची जी अद्भुत शब्द संयोंजन 

हार्दिक  बधाई  आपको //सादर  


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on August 30, 2013 at 11:42am

///डा० प्राची,  आपकी इस रचना की अंतिम से पूर्व वाली पंक्ति का तीसरा शब्द प्रयोग करने की अनुमति मिले, तो अपनी टिपण्णी इस रचना के लिए करूं ...!///

आदरणीय श्याम जुनेजा जी, आप अपनी बेटी बहनों से भी "प्रिय" संबोधन हेतु अनुमति मांगते हैं क्या ? यदि नहीं तो यहाँ क्यों ? आप के माध्यम से आप सहित सभी सदस्यों को यह ध्यान दिलाना चाहता हूँ कि ओ बी ओ आपका अपना परिवार है कोई मार्क जुकेरबर्ग की साईट नहीं । 

सादर 

गणेश जी बागी 
मुख्य प्रबंधक 

ओपन बुक्स ऑनलाइन 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on August 30, 2013 at 9:26am

प्रस्तुत अभिव्यक्ति को समय देने के लिए आप सभी सुधिजनों की हृदय से आभारी हूँ 

सादर धन्यवाद !

* प्रिय वंदना जी , आप रचना या रचनाकर्म की परिधि में किसी भी संशय को निःसंकोच पूछें..आपका सदैव स्वागत है 

* आदरणीय श्याम जुनेजा जी, किसी भी रचनाकार की रचना पर टिप्पणी, किसी संबोधन के लिए प्रयुक्त शब्द विशेष पर निर्भर हो सकती है... ये जानना मेरे लिए अत्यंत आश्चर्य का विषय है.

ओबीओ मंच पर बेटियों अनुजाओं अनुजों के लिए इस शब्द का प्रयोग हम सभी करते हैं पर.. पर यह ज़रूर है कि कोई संबोधन यदि आरोपित सा नहीं लगे तभी उसको सहज अपनाया जाता है. शायद सहमत हों.

Comment by बृजेश नीरज on August 29, 2013 at 7:37pm

बहुत ही सुन्दर! आपको हार्दिक बधाई!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
6 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
22 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service