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मेरे आंगन में आती

सुबह-सुबह

किरणे सूरज की

आंगन की बेल का उठ

अतिथि सत्कार करना

गमले में लगे

फूलो का महकाना

चिड़ियाओं ने गीत

गुनगुनाना ........

और इसके साथ ही 

मेरे घर के अंदर

दीवारों से

छिपकली

कोकरोच

और

उड़ते मच्छरों का

किसी कोने में

छुप जाना ......

मौलिक एवं अप्रकाशित 

- सुमित नैथानी 

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Comment

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Comment by Pragya Srivastava on June 14, 2013 at 1:26pm

सुंदर अभिव्यक्ति

Comment by Sumit Naithani on June 14, 2013 at 1:00pm

 बसंत नेमा जी  ...शुक्रिया

Comment by Sumit Naithani on June 14, 2013 at 1:00pm

विजयश्री जी  ...शुक्रिया, प्रोत्साहन के लिए 

Comment by Sumit Naithani on June 14, 2013 at 12:59pm

धन्यवाद ...अमन जी 

Comment by Sumit Naithani on June 14, 2013 at 12:58pm

 Dr Ashutosh Vajpeyee ji धन्यवाद 

Comment by बसंत नेमा on June 14, 2013 at 12:45pm

बहुत सुन्दर रचना ....

Comment by vijayashree on June 14, 2013 at 11:44am

अंतः व बाह्य का सुंदर चित्रण .....बधाई

Comment by aman kumar on June 14, 2013 at 10:42am

आपने सुबह का अच्छा चित्रण किया है सुमित जी ! बधाई १ 

Comment by Dr Ashutosh Vajpeyee on June 14, 2013 at 10:09am

waaah ateev sunder bhav

Comment by Sumit Naithani on June 14, 2013 at 9:21am

coontee mukerji ji...sukriya ....apna kimti waqt dene ke liye 

कृपया ध्यान दे...

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