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मै कौन हूँ तुम्हारा [गीत]

इतना मुझे बता दो , मै कौन हूँ तुम्हारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

साँसों से बन्ध के जैसे , कोई डोर खींचती है ।
जाने मुझे क्यों पल पल , तेरी ओर खींचती है ।

हर सांस में सिसक कर, दिल ने तुम्हे पुकारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

मैकश अगर मै कोई , तू मेरा मैकदा है ।
पीता हूँ जाम तेरे , मुझको तेरा नशा है ।

आँखों में तैरता है , तेरे प्यार का नज़ारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

कदमों में कोई थिरकन , आँखों से बरसे सावन ।
तेरी धुन में झूमता है , हर शै मेरा ये जीवन ।

कहने लगा है पागल , मुझको जहाँ ये सारा ।
तेरी ओर बहती जाये , मेरी ज़िन्दगी की धारा ।

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Comment by Ashok Kumar Raktale on May 31, 2013 at 10:56pm

सुन्दर गीत.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on May 28, 2013 at 5:10pm

बेहतरीन गीत मिश्राजी। मैं बृजेश जी की बात से सहमत हूँ। धैर्य रखें आप में असीम सम्भावनाएं हैं।

Comment by Ravinder Gupta on May 27, 2013 at 4:28pm
Bahut hi sundar geet hai
Comment by Neeraj Nishchal on May 27, 2013 at 1:27pm

बहुत बहुत शुक्रिया केवल प्रसाद जी 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 26, 2013 at 9:48am

आ0 नीरज भाई जी,    अतिसुन्दर रचना।.. बधाई स्वीकारें।  सादर,

Comment by Neeraj Nishchal on May 25, 2013 at 7:47pm
Sadar dhanywaad Laxman Prasaad ji
Comment by Neeraj Nishchal on May 25, 2013 at 7:43pm
Vandana ji bahut bahut dhanywaad
Comment by Neeraj Nishchal on May 25, 2013 at 7:42pm
Meena ji bahut bahut shukriya
Comment by Neeraj Nishchal on May 25, 2013 at 7:41pm
Geetika ji saadar aabhar
Comment by Neeraj Nishchal on May 25, 2013 at 7:40pm
Brjesh ji bahut bahut dhanywaad

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