For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुरदुरी हथेलियाँ 

कटी  फटी उंगलियाँ 
पच्चीस की उम्र में 
पचास के जैसी चेहरे पर
प्रौढ़ता की  लकीरें 
दस बीस इंटों से भरा तसला
सर पर ढोती 
बीच- बीच में दूर एक झाड़ी पर 
बंधे पुराने चिथड़ों से बने 
झूले पर नजर डालती ,
ना जाने उसका नन्हा 
कब भूख से बिलबिलाने लगे 
सोचकर अपने भीगे ब्लाउज को 
अपनी फटी धोती के पल्लू से छुपाती 
चढ़ी जा रही है  
हर सीढ़ी को  अपनी किस्मत 
की कहानियाँ सुनाती 
दूर कहीं से आवाज आ रही है 
मजदूर एकता जिंदाबाद 
मजदूर दिवस की बधाई हो !!!
******************************

Views: 909

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 3, 2013 at 11:43am

आदरणीय सौरभ जी  बहुत- बहुत हार्दिक आभार रचना के मर्म में अपने स्वर मिलाये।  आप सही कह रहे हैं अपने स्वार्थ में मजदूरों का प्रयोग करना उनसे नारे लगवाना सब इनके हथकंडे हैं उनकी स्थिति जाकर उनकी बस्ती उनके घरों या उनके परिवारों से जाकर पूछें मजदूर दिवस के नाम पर सिर्फ उनको ठगा जा रहा है। 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 3, 2013 at 11:38am

आदरणीय अशोक रक्ताले जी बहुत- बहुत हार्दिक आभार रचना के मर्म में अपने स्वर मिलाये । 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on May 3, 2013 at 10:02am

आपकी संवेदनशीलता के प्रति हृदय से नमन करता हूँ.

मज़दूर के नाम पर संस्थाओं द्वारा किये जारहे घात-प्रतिघात कितनी असंवेदनशील हो चके हैं इसका आपने बखूबी वर्णन किया है. सुविधाभोगी ’मज़दूरों’ द्वारा ही नारे लगाये और लगवाये जाते हैं. वास्तविक मज़दूर तो सदा-सदा से हाशिये पर अपनी ज़िन्दग़ी को समेटता-फैलाता रहता है.

इस रचना पर बार-बार बधाई, आदरणीया राजेशकुमारीजी.

Comment by Ashok Kumar Raktale on May 3, 2013 at 8:36am

आदरेया राजेश कुमारी जी सादर, बहुत ही मर्म स्पर्शी रचना, मगर दृश्य रोजमर्रा का यथार्थ को पुष्ट कर रहा है. और ये नारे मजदुर एकता जिंदाबाद!?शायद नारे लगाने वालों के पेट भरे हुए हैं. बहुत बहुत बधाई स्वीकारें.सादर.

Comment by बृजेश नीरज on May 1, 2013 at 10:13pm

आदरणीया मैं गलती कर रहा था और आपको परेशान कर रहा था। आपने मार्गदर्शन दिया इसके लिए आभार!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 1, 2013 at 9:42pm

भावना तिवारी जी रचना को मान देने हेतु दिल से आभार |

Comment by भावना तिवारी on May 1, 2013 at 9:40pm
दूर कहीं से आवाज आ रही है 
मजदूर एकता जिंदाबाद 
मजदूर दिवस की बधाई हो !!!...............ANTIM PANKTIYON MAIN JO KATAAKSH HAI ....WAH MARM BEDHI HAI ....BAHUT SUNDAR RACHNAA ..BADHAI ....

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 1, 2013 at 9:38pm

प्रिय प्राची जी रचना पर आपकी प्रतिक्रिया ने लेखन को जो मान दिया उस के लिए दिल से आभारी हूँ 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on May 1, 2013 at 9:32pm

मजदूर दिवस पर सुन्दर मर्मस्पर्शी क्षणिका के लिए हार्दिक बधाई आदरणीया राजेश जी..

थोड़ी सी लयात्मकता या प्रवाह की कमी महसूस हुई अभिव्यक्ति में पर कथ्य बहुत समीचीन है और अंत बहुत सशक्त.

पुनः बधाई 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 1, 2013 at 9:24pm

ब्रजेश जी यदि जैसे करुँगी तो अर्थ ही बदल जाएगा ----पचास के जैसे चेहरे पर =पचास की उम्र के जैसे चेहरे पर ---ये अर्थ हो जाएगा  आशा करती हूँ की अब शंका का समाधान हो गया होगा 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
20 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
22 hours ago
amita tiwari posted blog posts
yesterday
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
Sunday
Admin posted discussions
Sunday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Sunday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service