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नेता बनने के हुनर.....हास्य व्यंग

बेटा- पापा मै देश के लिये कुछ करना चाहता हूँ
बडा होकर मै नेता बनना चाहता हूँ

पापा बोले-
बेटा
नेता बनने के लिये
बहुत पापड
बेलने पडते है
उसे देश और जनता
दोनो के साथ
खेलने पडते है

उसे विरोधियो को
लताडना होगा
शेर की तरह
दहाडना होगा
एक सफल नेता
बडी चतुराई से
लोगो के कीमती वोट
माँग लेते है
क्योकी
मुरगे की तरह
बिना चूके
बडे नियम से
रोजाना बाग देते है

एक नेता को
यह भी दाँव
आना चाहिए
किसी मसले को
सुलझाने
उसे बिल्ली की तरह
दबे पाँव आना चाहिए

पार्टी या मीडिया
कुछ भी कहे
अपनी बात ही
आगे झोकना होगा
उसे कुत्ते की तरह
भोंकना होगा

एक नेता सफल
तभी कहा जायेगा
जब वह देश को
चूहे की तरह
भीतर से चाल जायेगा
और जब
बकरे की तरह
मिमियाना
सीख जाओगे
बेटा
तुम एक सफल नेता
तभी बन पाओगे

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Comment

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Comment by manoj shukla on April 29, 2013 at 9:29pm
आदर्णीया ऊषा जी आपका हार्दिक आभार
Comment by Usha Taneja on April 29, 2013 at 4:45pm

बढ़िया व्यंग्य... 

भावी नेताओं को आपकी रचना तो पढनी ही चाहिए... हमारा भी मनोरंजन अच्छा हुआ|

बधाई|

Comment by manoj shukla on April 28, 2013 at 6:17pm
आदर्णीया डा.प्राची जी....सादर आभार

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on April 28, 2013 at 1:12pm

नेता बने के लिए कितना हुनरमंद होना पढता है... उसपर बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति आ० मनोज शुक्ला जी.हार्दिक बधाई 

कहीं कहीं व्याकरण संबंधी त्रुटियाँ महसूस हो रही हैं, उनपर एक बार पुनः नज़र डाल लीजिए.

शुभेच्छाएं 

Comment by manoj shukla on April 28, 2013 at 11:37am
आदर्णीय अशोक जी आपका सादर आभार, स्नेह बनाये रखें...
Comment by Ashok Kumar Raktale on April 28, 2013 at 9:40am

वाह बहुत सुन्दर तभी नेता को भी मानवों से अलग एक प्राणी की तरह जाना जाता है. हा हा हा ..... बहुत बहुत बधाई.

Comment by manoj shukla on April 28, 2013 at 8:35am
आदर्णीय जवाहरलाल जी आपका हार्दिक आभार
Comment by JAWAHAR LAL SINGH on April 28, 2013 at 7:12am

अच्छा व्यंग्य, बधाई !

Comment by manoj shukla on April 27, 2013 at 8:27pm
आदर्णीया कुन्ती जी सादर आभार
Comment by coontee mukerji on April 27, 2013 at 12:45pm

नेता बनने का क्या गूढ़ तत्व प्रस्तुत किया है , आशा है यह कभी practical न बने .सादर

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