For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पढ़ लिख कर आगे बढ़ें, बनें नेक इन्सान ।
अच्छी शिक्षा जो मिले, बच्चें भरें उड़ान ।।

बच्चे कोमल फूल से, बच्चे हैं मासूम ।
सुमन की भांति खिल उठें, बनो धूप लो चूम ।।

देखो बच्चों प्रेम ही, जीवन का आधार ।
सज्जन को सज्जन करे, सज्जन का व्यवहार ।।

मजबूती जो नीव में, सदियों चले मकान ।
शिक्षा मात्र उपाय जो, करती दूर थकान ।।

आते देखे भोर को, भागा तामस जाय ।
सुख उसके ही साथ हो, दुख में जो मुस्काय ।।

सच्चाई की राह में, काँटे हैं भरपूर ।
अच्छी बातें सीख लो, करो बुराई दूर ।।

Views: 646

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 18, 2013 at 9:02pm

वाह वाह वाह .. !  भाई आपने तो मोह लिया !

आपकी छंद रचना (दोहा) कमाल-कमाल-कमाल ! हर दोहे पर दिल से बधाई.

तमस भव का तामसिक रूप होता है, भाई.

शुभ-शुभ

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 12, 2013 at 4:33pm

अनुज राम शिरोमणि त्रिपाठी जी हार्दिक आभार स्नेह यूँ ही बनाये रखें.

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 12, 2013 at 4:33pm

आदरणीया प्राची दीदी सत्य है जब जब आपकी सराहना मिलती है ह्रदय से प्रफुल्लित हो उठता हूँ. लेखनी को अत्यंत बल और सकारात्मक उर्जा मिल जाती है. दीदी सही कहा आपने तृतीय चरण प्रवाह बाधित मुझे भी लग रहा है. दीदी तामस शब्द मुझे लगा ठीक है अन्यथा मैं उपयोग नहीं करता. आशीष एवं स्नेह यूँ ही बनाये रखें.

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 12, 2013 at 4:28pm

आदरणीय लक्ष्मण सर सादर नमस्कार, आपको दोहे पसंद आये लेखन कार्य सफल हुआ हार्दिक आभार. स्नेह यूँ ही बनाये रखें.

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 12, 2013 at 4:24pm

आदरणीय प्रिय मित्रवर संदीप भाई आपकी सराहना पाकर ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. यह स्नेह यूँ ही बनाये रखें मित्र.

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 12, 2013 at 4:17pm

आदरणीया गीतिका जी सादर आपकी शुभकामना मिली अत्यंत हर्ष हो रहा है हार्दिक आभार.

Comment by ram shiromani pathak on April 11, 2013 at 8:46pm

बड़े सुन्दर दोहे रचे है अपने बड़े भाई बहुत ही सुन्दर ....... हार्दिक बधाई 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on April 11, 2013 at 7:37pm

प्रिय अरुण जी बच्चों के लिए बहुत सुन्दर शिक्षा प्रद दोहे लिखे हैं आपने , बहुत बहुत बधाई आपको 

पढ़ लिख कर आगे बढ़ें, बनें नेक इन्सान ।
अच्छी शिक्षा जो मिले, बच्चें भरें उड़ान ।।...........बिल्कुल सही बात कही है 

बच्चे कोमल फूल से, बच्चे हैं मासूम ।
सुमन की भांति खिल उठें, बनो धूप लो चूम ।। बहुत सुन्दर सुकोमल भाव इस दोहे के 

तृतीय  चरण में प्रवाह बाधित लग रहा है .......................इसे इस तरह देखें "सुमन भाँति ये खिल उठें" 

क्या तमस को तामस लिखना सही होगा ? इस पर भी आश्वस्त हो लें ..

सस्नेह. 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on April 11, 2013 at 11:03am

सुन्दर दोहे, हार्दिक बधाई अरुण शर्मा "अनंत" जी 

नव संवत्सर,२०७०, गुडी पडवा, एवं चेटी-चंड के शुभ मंगल कामनाए 

नव जोश भर तन मन में, नव चेतन संचार, 

नव वर्ष नया काज हो, उन्नति करे अपार | - लक्ष्मण लडीवाला 

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on April 11, 2013 at 10:45am

आदरणीय बंधुवर अरुण भाई सादर
बहुत ही उत्कृष्ट दोहे रचे हैं अच्छी सिक्षा दी है आपने इन दोहों के माध्यम से
सादर बधाई स्वीकरें
आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ बंधु
सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
35 minutes ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
14 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service