For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ओ बी ओ तृतीय वर्षगाँठ को समर्पित : 'मत्तगयन्द' सवैया

'मत्तगयन्द' सवैया : 7 भगण व अंत में दो दीर्घ

जात न पात न भेद न भाव न रूप न रंग न डोर दिवारें.
एक धरा यह प्रेम भरी जँह प्रेम लिए हम आप पधारें,
सीख सिखाय रहे सबहीं यँह ज्ञान भरें अरु लेख निखारें,
देश विदेश मिलाय दिए जन मेल मिलाप यहाँ करि डारें.

Views: 567

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 3, 2013 at 2:24pm

अनेक अनेक धन्यवाद राजेश भाई, बिलकुल सही यहाँ ज्ञान का भण्डार है जो रह गया झोली भर गया. सादर

Comment by राजेश 'मृदु' on April 3, 2013 at 1:20pm

वाह बढि़या मत्‍तगयंद और सत्‍य ही आपने कहा कि ओबीओ सबको मिला रही है । हम तो बहुत मनचले हैं पांव टिकते ही नहीं पर ओबीओ ने ऐसा पकड़ा कि ओबीओ छोड़ दे हम ना छोड़े

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 3, 2013 at 12:17pm

आदरणीय लक्ष्मण सर जी बड़ों का आशीष सदैव लाभकारी होता है और उज्जवल भविष्य की ओर ले जाता है, आशीष यूँ ही बनाये रखें. सादर

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 3, 2013 at 12:15pm

आदरणीय केवल प्रसाद जी सवैया आपको पसंद आये, जानकार कर ख़ुशी हुई हार्दिक आभार.

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 3, 2013 at 12:03pm

आदरणीय गुरुदेव श्री सौरभ सर जी आपकी सराहना एवं अनमोल टिपण्णी पाकर ह्रदय गद गद हो गया, आपका प्रतिउत्तर सदैव सकारात्मक दिशा प्रदान करता है. कुछ समय के लिए कार्य में अधिक व्यस्तता कारण ओ बी ओ परिवार यानी कि अपने परिवार से दूर रहा परन्तु अब कोशिश रहेगी की सक्रियता बनी रहे. आशीष एवं स्नेह ही बनाये रखें. सादर

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 3, 2013 at 12:00pm

आदरणीय श्री अशोक कुमार रक्त्ताले सर आपकी सराहना मिली मेरा लेखन का कार्य सफल हुआ, स्नेह यूँ ही बनाये रखें. सादर

Comment by अरुन 'अनन्त' on April 3, 2013 at 11:58am

आदरणीय श्री राम जी एवं आदरेया शिखा कौशिक जी आप दोनों का हार्दिक आभार

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on April 2, 2013 at 7:00pm

सुन्दर मत्त्गंद सवैया के माध्यम से ओबीओ के प्रति शुभ कामनाओं की लिए आभार, और बधाई सभी सदस्यों को हार्दिक 

शुभ कामनाए 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on April 2, 2013 at 6:45pm

आदरणीय, अरूण शर्मा‘अनन्त‘ जी, आप सभी को वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बहुत बहुत बधाई।


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 2, 2013 at 4:41pm

हम तो मंच मात्र समझते थे, आपने तो ओबीओ को एक अलग धरा ही गिन लिया, भाई !

लोग सही कहते हैं, कवि वो बोल लेता है जो सामान्य जन सोच तक नहीं पाते. .. :-)))

सवैया के सधे होने की बधाई, अरुन भाई.

सही कहा आपने, अरुनभाई, ओबीओ को मात्र सुनाने का स्थान न जान कर सुनने और अध्ययन का स्थान भी जानें तो हममें से कई परिपक्व रचनाकार हो जायँ. लेकिन टेक तो यहीं है.

आपको भी ओबीओ के प्रादुर्भाव दिवस की अनेकानेक बधाइयाँ.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
35 minutes ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
14 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service