For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

समस्त ओबीओ परिवार की ओर से आप सभी को इस दीप पर्व की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं..

आई है दीपावली, वंदित प्रथम गणेश,

महालक्ष्मी पूजिये, सुखमय भारत देश.

सुखमय भारत देश, दीप हर घर में चमकें,

अँधियारा हो दूर, सभी के तन-मन महकें,

'अम्बरीष' दें आज, सभी को बहुत बधाई,

विष्णुप्रिया हरि संग, गरुण वाहन पर आई..

 

सादर

Views: 695

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Er. Ambarish Srivastava on November 19, 2012 at 7:03am

धन्यवाद आदरणीय लड़ीवाला जी ! सादर

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on November 16, 2012 at 6:06pm

आपको भी सपरिवार हार्दिक शुभ कामनाए श्री अम्बरीश श्रीवास्तव जी 

सुंदर दोहों में बधाई सन्देश के लिए बधाई स्वीकारे 
Comment by Er. Ambarish Srivastava on November 16, 2012 at 5:49pm

स्वागत है आदरणीय प्रदीप जी !

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on November 16, 2012 at 1:27pm

आदरणीय अम्बरीश जी, 

सादर 

आपको भी हार्दिक बधाई.

Comment by Er. Ambarish Srivastava on November 15, 2012 at 11:34pm

धन्यवाद आदरेया राजेश कुमारी जी, आपको भी इन सभी पर्वों की हार्दिक बधाई ! सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on November 15, 2012 at 10:42pm

बहुत बढ़िया प्रस्तुति आदरणीय अम्बरीश जी आपको भी दीपावली ,गोवेर्धन पूजा और भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं 

Comment by Er. Ambarish Srivastava on November 15, 2012 at 9:48pm

स्वागत है आदरणीय अशोक कुमार जी ! आपको भी दीपावली की हार्दिक बधाई !  क्षमा करें ! कुछ आवश्यक व्यस्तता के कारण ओबीओ पर कम आ पा रहा हूँ ! सादर

Comment by Er. Ambarish Srivastava on November 15, 2012 at 9:45pm

धन्यवाद डॉ० प्राची जी, आपको भी इस त्यौहार पर पर अनेक बधाई !

Comment by Er. Ambarish Srivastava on November 15, 2012 at 9:44pm

धन्यवाद आदरणीय सौरभ जी. आपको भी दीपावली की हार्दिक बधाई ! क्षमा करें ! कुछ आवश्यक कार्यों में व्यस्त हूँ | सादर  

Comment by Er. Ambarish Srivastava on November 15, 2012 at 9:40pm

हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद लड़ीवाला जी.  इस महापर्व पर आपको भी अनेक बधाइयां|

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"स्वागतम"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
10 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service