For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सात समुद्र पार कर,
आई पिया के द्वार ,
नव नीले आसमां पर,
झूलते इन्द्रधनुष पे ,
प्राणपिया के अंगना ,
सप्तऋषि के द्वार ,
झंकृत हए सात सुर,
हृदय में नये तराने |
.........................
उतर रहा वह नभ पर ,
सातवें आसमान से ,
लिए रक्तिम लालिमा
सवार सात घोड़ों पर ,
पार सब करता हुआ ,
प्रकाशित हुआ ये जहां
आलोकिक आनंदित
वो आशियाना दीप्त |
...............................
थिरक रही अम्बर में ,
अरुण की ये रश्मियाँ,
चमकी धूप सुनहरी सी
अब आई मेरे अंगना ,
है स्फुरित मेरा ये मन ,
खिल उठा ये तन बदन
निभाने वो सात वचन ,
आई अपने पिया के घर |

Views: 629

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rekha Joshi on September 7, 2012 at 7:59pm

दीपक जी ,आपके कमेन्ट से तो दिल गार्डन गार्डन हो गया ,सीखने की कोई उम्र नही होती अपने इतना मान दिया आपका आभार 

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 3, 2012 at 10:27am

रेखा मैडम जी हौंसला वधाण दी लोड ते बच्चेयां नूँ पैंदी तुस्सी ते खुद इक ज्ञान भण्डार हैगे ओ तुहाडे तों ते अस्सी सिखणा हैगा बुहत कुछ होर तुहाडे नाल ते साड्डा इक गहरा रिश्ता हैगा तुस्सी अम्बरसर (अमृतसर) दे हो अस्सी जिंदगी दी हसीन पल औहथे गुज़ारे हाँ डी.ए.वी कालज विच (एम० ए० इकोनोमिक्स) अज्ज भी हर साल जांदा हाँ ता पुराने दोस्त कालज दी कंटीन च मिलदे हन I G .N .D .U DA PYARA CAMPUS लाजवाब तुहाडी कहाणी बिलकुल मेरी सोच जेई हैगी..
SEE MY COLLEGE PHOTOGRAPHS OF AMRITSAR IN OBO ALBUM

Comment by Rekha Joshi on September 1, 2012 at 7:39pm

हौंसला वदान लई तुहाडा बौत बौत धन्वाद दीपक जी 

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 1, 2012 at 12:41pm
रोमांस ,रोमांच ,आतुरता भाव से भरपूर अतिसुन्दर रचना  ...........रेखा जी  कमॉल करी दित्ता तुसां 
दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
Comment by Rekha Joshi on August 25, 2012 at 10:04am

प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक जी 

Comment by Ashok Kumar Raktale on August 24, 2012 at 10:54pm

है स्फुरित मेरा ये मन ,
खिल उठा ये तन बदन
निभाने वो सात वचन ,
आई अपने पिया के घर

मन के भावों को प्रदर्शित करती सुन्दर रचना के लिये बधाई स्वीकारें आ. रेखा जी.

Comment by Rekha Joshi on August 23, 2012 at 7:28pm

आदरनीय नवल जी और अशोक जी ,उत्साह बढाने ले लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद 

Comment by अशोक पुनमिया on August 22, 2012 at 1:53pm

बहुत ही सुन्दर रचना.....बधाई.

Comment by Naval Kishor Soni on August 22, 2012 at 12:35pm

बहुत खूब सूरत ....बधाई !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
13 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
23 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
Tuesday
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service