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सात समुद्र पार कर,
आई पिया के द्वार ,
नव नीले आसमां पर,
झूलते इन्द्रधनुष पे ,
प्राणपिया के अंगना ,
सप्तऋषि के द्वार ,
झंकृत हए सात सुर,
हृदय में नये तराने |
.........................
उतर रहा वह नभ पर ,
सातवें आसमान से ,
लिए रक्तिम लालिमा
सवार सात घोड़ों पर ,
पार सब करता हुआ ,
प्रकाशित हुआ ये जहां
आलोकिक आनंदित
वो आशियाना दीप्त |
...............................
थिरक रही अम्बर में ,
अरुण की ये रश्मियाँ,
चमकी धूप सुनहरी सी
अब आई मेरे अंगना ,
है स्फुरित मेरा ये मन ,
खिल उठा ये तन बदन
निभाने वो सात वचन ,
आई अपने पिया के घर |

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Comment

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Comment by Rekha Joshi on September 7, 2012 at 7:59pm

दीपक जी ,आपके कमेन्ट से तो दिल गार्डन गार्डन हो गया ,सीखने की कोई उम्र नही होती अपने इतना मान दिया आपका आभार 

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 3, 2012 at 10:27am

रेखा मैडम जी हौंसला वधाण दी लोड ते बच्चेयां नूँ पैंदी तुस्सी ते खुद इक ज्ञान भण्डार हैगे ओ तुहाडे तों ते अस्सी सिखणा हैगा बुहत कुछ होर तुहाडे नाल ते साड्डा इक गहरा रिश्ता हैगा तुस्सी अम्बरसर (अमृतसर) दे हो अस्सी जिंदगी दी हसीन पल औहथे गुज़ारे हाँ डी.ए.वी कालज विच (एम० ए० इकोनोमिक्स) अज्ज भी हर साल जांदा हाँ ता पुराने दोस्त कालज दी कंटीन च मिलदे हन I G .N .D .U DA PYARA CAMPUS लाजवाब तुहाडी कहाणी बिलकुल मेरी सोच जेई हैगी..
SEE MY COLLEGE PHOTOGRAPHS OF AMRITSAR IN OBO ALBUM

Comment by Rekha Joshi on September 1, 2012 at 7:39pm

हौंसला वदान लई तुहाडा बौत बौत धन्वाद दीपक जी 

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on September 1, 2012 at 12:41pm
रोमांस ,रोमांच ,आतुरता भाव से भरपूर अतिसुन्दर रचना  ...........रेखा जी  कमॉल करी दित्ता तुसां 
दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
Comment by Rekha Joshi on August 25, 2012 at 10:04am

प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय अशोक जी 

Comment by Ashok Kumar Raktale on August 24, 2012 at 10:54pm

है स्फुरित मेरा ये मन ,
खिल उठा ये तन बदन
निभाने वो सात वचन ,
आई अपने पिया के घर

मन के भावों को प्रदर्शित करती सुन्दर रचना के लिये बधाई स्वीकारें आ. रेखा जी.

Comment by Rekha Joshi on August 23, 2012 at 7:28pm

आदरनीय नवल जी और अशोक जी ,उत्साह बढाने ले लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद 

Comment by अशोक पुनमिया on August 22, 2012 at 1:53pm

बहुत ही सुन्दर रचना.....बधाई.

Comment by Naval Kishor Soni on August 22, 2012 at 12:35pm

बहुत खूब सूरत ....बधाई !

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