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मेरे शब्द ..................मेरे अपने ...............!!

हो जाते है जब एकदम अकेले
हम अपनों की भीड़ में
तब जब दिल चाहता है कहना
किसी से बहुत कुछ
तब कोई नहीं मिलता ऐसा
जो साथ बैठकर सुने इस दिल की बाते
और कहे कि मैं हूँ न .........................

तब जब महसूस होता है
कि कोई नहीं है इस दुनिया में हमारा
तब एकदम से अचानक ...................
आ जाते है शब्द
और करने लगते हैं मुझसे बाते
तब जब दिल चाहता है जी भरकर रोना
लेकिन आंसू भी साथ देने से मना कर देते हैं
तब ये शब्द रोते है मेरे साथ ...
बहते हैं आंसू बनकर कागज पर
स्याही का रूप लेकर .......................

जब देखते हैं ये शब्द हमे अकेले चुपचाप बैठे
तो आ जाते हैं बिन बुलाये ही ........
कह नहीं पाते जो बाते किसी से अक्सर
वो बाते सुनने............................
शब्द जो खुशी में मेरी खुश होते हैं
शब्द जो मेरे अपने है ................
शब्द जो हर पल मेरे साथ रहते हैं
चाहे गम हो या ख़ुशी
शब्द जो मेरे गम को देखकर
मुझसे दूर नहीं भागते ...............
ये शब्द जो मेरे अपने हैं
मेरे शब्द ..................मेरे अपने ...............!!

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Comment by Sonam Saini on August 17, 2012 at 11:19am

dhanyvaad yogi sir.

Comment by Sonam Saini on August 17, 2012 at 11:19am

Thank u very much mahima shree ji

Comment by MAHIMA SHREE on August 15, 2012 at 5:39pm

तब जब महसूस होता है
कि कोई नहीं है इस दुनिया में हमारा
तब एकदम से अचानक ...................
आ जाते है शब्द
और करने लगते हैं मुझसे बाते
तब जब दिल चाहता है जी भरकर रोना
लेकिन आंसू भी साथ देने से मना कर देते हैं
तब ये शब्द रोते है मेरे साथ ...
बहते हैं आंसू बनकर कागज पर
स्याही का रूप लेकर .......................

वाह सोनम जी .. बहुत खूब
Comment by Yogi Saraswat on July 3, 2012 at 3:52pm

तब जब महसूस होता है कि कोई नहीं है इस दुनिया में हमारा तब एकदम से अचानक ................... आ जाते है शब्द और करने लगते हैं मुझसे बाते तब जब दिल चाहता है जी भरकर रोना लेकिन आंसू भी साथ देने से मना कर देते हैं तब ये शब्द रोते है मेरे साथ ... बहते हैं आंसू बनकर कागज पर स्याही का रूप लेकर ....................

सोनम जी , बहुत खूबसूरत अल्फाज़ और उतने ही अच्छे अहसासात ! दिल की गहराइयों से निकले हुए शब्द क्यू वाह

Comment by Sonam Saini on June 18, 2012 at 11:39am

आदरणीय कुशवाहा सर जी प्रणाम 

ऐसे ही अपना आशीर्वाद बनाये रखियेगा ! बहुत बहुत धन्यवाद !
Comment by Sonam Saini on June 18, 2012 at 11:37am

बहुत बहुत शुक्रिया योगेश जी ! 

Comment by Sonam Saini on June 18, 2012 at 11:30am

बहुत बहुत शुक्रिया अलबेला जी ! आपके सराहना भरे शब्दों के liye  बहुत बहुत शुक्रिया 

Comment by Sonam Saini on June 18, 2012 at 11:28am

bahut bahut dhanyvad umashanker sir ji.

Comment by Sonam Saini on June 18, 2012 at 11:27am

Thank u Nilansh ji. yu hi housla bdahte rhiyega.

Comment by Nilansh on June 16, 2012 at 10:22am

जब देखते हैं ये शब्द हमे अकेले चुपचाप बैठे 
तो आ जाते हैं बिन बुलाये ही ........
कह नहीं पाते जो बाते किसी से अक्सर 
वो बाते सुनने............................
शब्द जो खुशी में मेरी खुश होते हैं 
शब्द जो मेरे अपने है ................
शब्द जो हर पल मेरे साथ रहते हैं
चाहे गम हो या ख़ुशी 
शब्द जो मेरे गम को देखकर 
मुझसे दूर नहीं भागते ...............
ये शब्द जो मेरे अपने हैं 
मेरे शब्द ..................मेरे अपने ...............!!

..

 

bahut hi acchi rachna ke liye badhaai aapko sonam ji 

saadar..

 

....

 

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