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कभी प्यार हमें भी हो सकता है  , हमने  सोचा न था

दिल हमारा भी यूँ धड़क सकता है , हमने सोचा न था
जिस एहसास से हम गुज़र रहे है वो एहसास,
जिसमे हर पल किसी को पाने की है आस 
हमे भी होगा, सोचा न था |
कोशिशें की उन्हें भुलाने की इस दिल को पत्थर बनाने की
यादों को उनकी मिटाने की 
ख्वाबों को  उनके  भुलाने की
लाखों कोशिशों के बाद भी ये  मिट न पाएंगे,
सोचा न था |
एक बात मगर फिर भी इस दिल में कहीं दबी हुई है
लाख छुपाने की कोशिश की मगर फिर भी आँखों में है
लफ़्ज़ों को भले ही न समझो मगर नज़रों में एक बार झांक तोह लो
क्या है इस दिल के कोने में छिपा उसे पहचान तो लो
मै शायद कल को तुम्हे न मिल  पाऊँ 
शायद तुम्हारी यादों के जहाँ  से भी ओझल हो जाऊं 
लेकिन जो एहसास मेरे दिल मै तुम्हारे लिए जागा है
वो  एहसास कभी कम न होगा 
प्यार तो कई बार तुम्हारे सामने आएगा 
लेकिन सबसे गहरा और वफादार  सिर्फ मेरा ही होगा 
तब तुम भी कहोगे, मुझे  इतना प्यार करने वाला भी हो  सकता है कोई अपना, 
मैंने भी सोचा न था |

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Comment by Saurabh Pandey on April 14, 2012 at 4:34am

कभी प्यार हमें भी हो सकता है  , हमने  सोचा न था .....   क्यों भाई ?

Comment by Rohit Dubey "योद्धा " on April 13, 2012 at 7:44pm

Bahut bahut dhanyavad  MAHIMA SHREE  Jee

Comment by MAHIMA SHREE on April 13, 2012 at 1:58pm
रोहित जी , नमस्कार ,
भाव अच्छे आये है और सच्चे आये है...
बधाई..
Comment by Rohit Dubey "योद्धा " on April 13, 2012 at 12:09pm

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA  Thanx a ton Sir jee

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 13, 2012 at 12:01pm

sundar bhav purna rachna, badhai.

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