For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आज वह (मानव )
पंचभूत में विलीन हो गया
कुछ भी तो नहीं ले जा सका
सबकुछ
जहाँ का तहां विद्यमान हैं
जब जीवन था
तब उसे फुर्सत था कहाँ ?
न संतुष्टि थी
न खुशिया
नित नए खोज में उलझे
वह प्राणी
भाग रहा था
परन्तु आज सबकुछ
ख़त्म हो गया
खाली हाथ आया था
खाली हाथ ही चला गया l

Views: 636

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rita Singh 'Sarjana" on April 7, 2012 at 5:57pm

adaraniy bagi sir, namaskar , har insaan ko is saty se gujarna padega yah jante huye  bhi insaan apne aham me chur hokar is saty ko bhula baithte hain ...........rachana pasand karne ke liye aapka baht-bahut abhaar

Comment by Rita Singh 'Sarjana" on April 7, 2012 at 5:53pm

sailendra ji , kavita pasand karne ke liye tatha sukhad pratikriya hetu abhaar

Comment by Rita Singh 'Sarjana" on April 7, 2012 at 5:52pm

bhramar ji ,sakaratmak pratikriya hetu abhaar

Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on April 7, 2012 at 1:49pm

सचमुच इंसान ख़ाली हाथ आया है और ख़ाली हाथ ही उसे जाना है| सहज शब्दों में संसार के सबसे बड़े सत्य को प्रस्तुत करने पर हार्दिक बधाई स्वीकारें रीता जी!

Comment by Dr Ajay Kumar Sharma on April 7, 2012 at 10:53am

न संतुष्टि थी
न खुशिया
नित नए खोज में उलझे
वह प्राणी
भाग रहा था
रचना पर बधाई स्वीकार करें...आदरणीय रीता जी


Comment by JAWAHAR LAL SINGH on April 7, 2012 at 7:41am

आदरणीय रीता जी, सादर , बहुत सुंदर तरीके से जीवन की सच्चाई को रचना के माध्यम से बताया है.  तब उसे फुर्सत था कहाँ ? के स्थान पर क्या ये ठीक नहीं है  तब उसे फुर्सत थी  कहाँ ? बधाई.

कृपया इसे कॉपी-पेस्ट न माने बल्कि मेरे मन की बात भी यही है! आभार!
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 6, 2012 at 11:50pm

आदरणीय रीता जी, सादर , बहुत सुंदर तरीके से जीवन की सच्चाई को रचना के माध्यम से बताया है.  तब उसे फुर्सत था कहाँ ? के स्थान पर क्या ये ठीक नहीं है  तब उसे फुर्सत थी  कहाँ ? बधाई.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 6, 2012 at 10:44pm

यथार्थ के आँगन में पनपी इस रचना पर हार्दिक बधाई आदरणीया रीता जी, सिर्फ और सिर्फ यही सत्य है बाकी सब भुलावा |

Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on April 6, 2012 at 10:23pm

जीवन के सत्य को बताती रचना पर बधाई स्वीकार करें

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 6, 2012 at 10:14pm

नित नए खोज में उलझे
वह प्राणी
भाग रहा था
परन्तु आज सबकुछ
ख़त्म हो गया
खाली हाथ आया था
खाली हाथ ही चला गया l..

सर्जना जी ..सुन्दर ..जीवन का सत्य दिखाती रचना 

भ्रमर ५ 


कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service