For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मैं अपनों से उम्मीद ही कम रखती हूँ

मैं हिफाज़त से तेरा दर्दो अलम रखती हूँ
और खुशी मान के दिल में  तेरा ग़म रखती हूँ।

मुस्कुरा देती हूँ जब सामने आता है कोई
इस तरह तेरी जफ़ाओं का भरम रखती हूँ।

हारना मैं ने नहीं सीखा कभी मुश्किल से
मुश्किलों आओ दिखादूं मैं जो दम रखती हूँ। 

मुस्कुराते हुए जाती हूँ हर इक  महफ़िल में
आँख को सिर्फ़ मैं तन्हाई में नम रखती हूँ 

है तेरा प्यार इबादत मेरी  पूजा मेरी 
नाम ले केर तेरा मंदिर में क़दम रखती हूँ। 

दोस्तों से न गिला है न शिकायत है "सिया"
क्यों के मैं अपनों से उम्मीद ही कम रखती हूँ!

Views: 668

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Anwesha Anjushree on September 13, 2011 at 9:16pm

ummid kam rakhti hu...behad khubsoorat..marmsparshi

Comment by Brij bhushan choubey on September 13, 2011 at 12:54pm

                  दोस्तों से न गिला है न शिकायत है "सिया"
क्यों के मैं अपनों से उम्मीद ही कम रखती हूँ!.........      क्या बात है .

Comment by mohinichordia on September 13, 2011 at 11:43am

हारना मेने  नहीं सीखा मुसीबतों से ......बहुत सुन्दर सिया सचदेव जी |वैसे पूरी गज़ल  ही अच्छी है |

Comment by दुष्यंत सेवक on September 13, 2011 at 11:10am

मुस्कुराते हुए जाती हूँ हर इक  महफ़िल में
आँख को सिर्फ़ मैं तन्हाई में नम रखती हूँ 

है तेरा प्यार इबादत मेरी  पूजा मेरी 

नाम ले केर तेरा मंदिर में क़दम रखती हूँ। 

bahut hi sundar shabd hain....pyar ki unchaiyon ko darshati is behad shandar gazal ke liye badhai sweekaren

Comment by siyasachdev on September 13, 2011 at 10:47am

JANAB GANESH BAQI JI AAPKI DAD AUR ANDAZE BAYAN BUJHTE HUE CHARAGH KO BHI RAUSHAN KAR SAKTA HAI-BAHUT BAHUT SHUKRIYA


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 13, 2011 at 9:55am

//मैं हिफाज़त से तेरा दर्दो अलम रखती हूँ
और खुशी मान के दिल में  तेरा ग़म रखती हूँ।//

वाह वाह खुबसूरत मतला, गम को भी ख़ुशी समझ दिल मे जगह देना ...बहुत बड़ी बात कह गई सिया जी |

//मुस्कुरा देती हूँ जब सामने आता है कोई
इस तरह तेरी जफ़ाओं का भरम रखती हूँ।//

क्या बात है, जोरदार शे'र, खुद को भरम में रखने की बात, बेहतरीन ख्याल |

//हारना मैं ने नहीं सीखा कभी मुश्किल से
मुश्किलों आओ दिखादूं मैं जो दम रखती हूँ।//

बिलकुल सोलह आना सही, व्यक्ति की परीक्षा मुश्किलों में ही होती है, मिसरा उला में मुश्किल की जगह मुश्किलों मुझे ज्यादा उपयुक्त लग रहा,

//मुस्कुराते हुए जाती हूँ हर इक  महफ़िल में
आँख को सिर्फ़ मैं तन्हाई में नम रखती हूँ //

यह शे'र भी जबरदस्त निकाला है आपने, बहुत ही इफेक्टिव है,

//है तेरा प्यार इबादत मेरी  पूजा मेरी 
नाम ले केर तेरा मंदिर में क़दम रखती हूँ।//

आय हाय ! क्या बात कही है, इस ग़ज़ल से सबसे खुबसूरत शेर, बहुत बढ़िया |

//दोस्तों से न गिला है न शिकायत है "सिया"
क्यों के मैं अपनों से उम्मीद ही कम रखती हूँ!//

सही करती है, उम्मीद करने से ही सारे कष्ट है, खुबसूरत मकता, सब मिलाकर आपने एक बेहतरीन ग़ज़ल पेश किया है, दाद कुबूल करे |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service