For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

विवेक मिश्र's Blog – August 2013 Archive (3)

लघुकथा : सफ़र

सुबह-सुबह जब उसकी आँखें खुलीं, तो वह बड़े जोश में था. घरों की खिड़कियों से परदे हटाकर उसका ‘वार्म-वेलकम’ किया जा रहा था. और जब “सूर्यनमस्कार” और “अर्घ्य” जैसे टोटके शुरू हुए, तो वह फूले नहीं समा रहा था. सच में, दुनिया की ‘मॉर्निंग’, उसी की वज़ह से तो ‘गुड’ होती है. फिर क्या.. चढ़ गया गुरू चने की झाड़ पर.. अपनी पूरी ताक़त झोंककर रौशनी देने लगा, मानों सारी दुनिया में उजाला करने का ठेका उसने ही ले रखा हो. उसे याद ही नहीं रहा कि छटाँक भर उजाले की ख़ातिर भी उसे ख़ुद कितना जलना पड़ता है.. भूल गया कि… Continue

Added by विवेक मिश्र on August 19, 2013 at 3:51pm — 10 Comments

ग़ज़ल - मैं कितनों के लिए पुल सा रहा हूँ

दिलों को जोड़कर रखता रहा हूँ -

मैं कितनों के लिए पुल सा रहा हूँ -



मैं लम्हा हूँ, मगर सदियों पुरानी

किसी तारीख़ का हिस्सा रहा हूँ -



हजारों मस'अले हैं ज़िन्दगी में

मैं इक इक कर उन्हें सुलझा रहा हूँ-



ग़मे दौरां में ख़ुशियाँ ढूँढ़ना सीख

तुझे कबसे ऐ दिल! समझा रहा हूँ -



नहीं मुमकिन है मेरी वापसी अब

फ़क़त शतरंज का प्यादा रहा हूँ -



तुम्हारे नाम का इक फूल हर साल

क़िताबे दिल में, मैं रखता रहा हूँ -



किनारे…

Continue

Added by विवेक मिश्र on August 12, 2013 at 10:30pm — 20 Comments

नज़्म - सिगरेट सी ज़िन्दगी

उँगलियों के बीच फँसी

सिगरेट की तरह

कब से सुलग रही है ज़िन्दगी

सैकड़ों ख्वाब हैं,

कश-दर-कश, धुआँ बनकर

भीतर पहुँच रहे हैं..

ज्यादातर का तो

दम ही घुटने लगता हैं

और भाग जाते हैं लौटती साँसों के साथ ।

पर कुछेक हैं,

जो छूट गए हैं भीतर ही कहीं

पड़े हुए हैं चिपक कर, टिककर..

इन दिनों एक-एक कर मैं

उन्हीं ख़्वाबों को

मुकम्मल करने में लगा हूँ.



मिलूँगा फिर कभी

कि अभी ज़रा जल्दी में हूँ

मेरी सिगरेट ख़त्म होने को… Continue

Added by विवेक मिश्र on August 3, 2013 at 3:09pm — 26 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
9 hours ago
Sushil posted blog posts
9 hours ago
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
9 hours ago
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service