For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sanjiv verma 'salil''s Blog – July 2010 Archive (7)

चिंतन और आकलन: हम और हमारी हिन्दी संजीव सलिल'

चिंतन और आकलन:



हम और हमारी हिन्दी



संजीव सलिल'

*



हिंदी अब भारत मात्र की भाषा नहीं है... नेताओं की बेईमानी के बाद भी प्रभु की कृपा से हिंदी विश्व भाषा है. हिंदी के महत्त्व को न स्वीकारना ऐसा ही है जैसे कोई आँख बंद कर सूर्य के महत्त्व को न माने. अनेक तमिलभाषी हिन्दी के श्रेष्ठ साहित्यकार हैं. तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों में हिन्दी में प्रति वर्ष सैंकड़ों छात्र एम्.ए. और अनेक पीएच. डी. कर रहे हैं. मेरे पुस्तक संग्रह में अनेक पुस्तकें हैं जो तमिलभाषियों ने… Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on July 26, 2010 at 10:38am — 6 Comments

गुरु पूर्णिमा पर : दोहे गुरु वंदना के... संजीव 'सलिल'

गुरु को नित वंदन करो, हर पल है गुरूवार.

गुरु ही देता शिष्य को, निज आचार-विचार..

*

विधि-हरि-हर, परब्रम्ह भी, गुरु-सम्मुख लघुकाय.

अगम अमित है गुरु कृपा, कोई नहीं पर्याय..

*

गुरु है गंगा ज्ञान की, करे पाप का नाश.

ब्रम्हा-विष्णु-महेश सम, काटे भाव का पाश..

*

गुरु भास्कर अज्ञान तम्, ज्ञान सुमंगल भोर.

शिष्य पखेरू कर्म कर, गहे सफलता कोर..

*

गुरु-चरणों में बैठकर, गुर जीवन के जान.

ज्ञान गहे एकाग्र मन, चंचल चित अज्ञान..

*

गुरुता…

Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on July 25, 2010 at 8:30am — 5 Comments

कृति चर्चा: चुटकी-चुटकी चाँदनी : दोहा की मन्दाकिनी चर्चाकार : संजीव वर्मा 'सलिल'

कृति चर्चा:

चुटकी-चुटकी चाँदनी : दोहा की मन्दाकिनी

चर्चाकार : संजीव वर्मा 'सलिल'

*

कृति विवरण : चुटकी-चुटकी चाँदनी, दोहा संग्रह, चन्द्रसेन 'विराट', आकार डिमाई, सलिल्ड, बहुरंगी आवरण, पृष्ठ १५६, समान्तर प्रकाशन, तराना, उज्जैन, म.प्र.

*



हिंदी ही नहीं विश्व वांग्मय के समयजयी छंद दोहा को सिद्ध करना किसी भी कवि के लिये टेढ़ी खीर है. आधुनिक युग के जायसी विराट जी ने १२ गीत संग्रहों, १० गजल संग्रहों, ३ मुक्तक संग्रहों तथा ६ सम्पादित काव्य संग्रहों के प्रकाशन के बाद… Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on July 9, 2010 at 12:21am — 1 Comment

नवगीत: निर्माणों के गीत गुँजायें... संजीव वर्मा 'सलिल'

नवगीत:



निर्माणों के गीत गुँजायें...



संजीव वर्मा 'सलिल'



*

निर्माणों के गीत गुँजायें...



*



मतभेदों के गड्ढें पाटें,



सद्भावों की सड़क बनायें.



बाधाओं के टीले खोदें,



कोशिश-मिट्टी-सतह बिछायें.



निर्माणों के गीत गुँजायें...



*

निष्ठां की गेंती-कुदाल लें,



लगन-फावड़ा-तसला लायें.



बढ़ें हाथ से हाथ मिलाकर-



कदम-कदम पथ सुदृढ़ बनायें.



निर्माणों के गीत… Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on July 5, 2010 at 8:49am — 4 Comments

बाल कविता: आन्या गुडिया प्यारी ---संजीव 'सलिल'

बाल कविता:



आन्या गुडिया प्यारी



संजीव 'सलिल'

*

*

आन्या गुडिया प्यारी,

सब बच्चों से न्यारी।



गुड्डा जो मन भाया,

उससे हाथ मिलाया।

हटा दिया मम्मी ने,

तब दिल था भर आया ।



आन्या रोई-मचली,

मम्मी थी कुछ पिघली।

नया खिलौना ले लो,

आन्या को समझाया ।



आन्या बात न माने,

मन में जिद थी ठाने ।

लगी बहाने आँसू,

सिर पर गगन उठाया ।



आये नानी-नाना,

किया न कोई बहाना ।

मम्मी को… Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on July 4, 2010 at 12:05am — 3 Comments

मुक्तिका: ज़ख्म कुरेदेंगे.... संजीव 'सलिल'

मुक्तिका:



ज़ख्म कुरेदेंगे....



संजीव 'सलिल'

*

*

ज़ख्म कुरेदेंगे तो पीर सघन होगी.

शोले हैं तो उनके साथ अगन होगी..



छिपे हुए को बाहर लाकर क्या होगा?

रहा छिपा तो पीछे कहीं लगन होगी..



मत उधेड़-बुन को लादो, फुर्सत ओढ़ो.

होंगे बर्तन चार अगर खन-खन होगी..



फूलों के शूलों को हँसकर सहन करो.

वरना भ्रमरों के हाथों में गन होगी..



बीत गया जो रीत गया उसको भूलो.

कब्र न खोदो, कोई याद दफन होगी..



आज हमेशा… Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on July 1, 2010 at 10:48pm — 3 Comments

गीत: आँख का पानी -संजीव 'सलिल'

गीत



संजीव 'सलिल'

*

rain%20cloud%202.gif

*

बेचते हो क्यों

कहो निज आँख का पानी?

मोल समझो

बात का यह है न बेमानी....



जानती जनता

सियासत कर रहे हो तुम.

मानती-पहचानती

छल कर रहे हो तुम.

हो तुम्हीं शासक-

प्रशासक न्याय के दाता.

आह पीड़ा दाह

बनकर पल रहे हो तुम.

खेलते हो क्यों

गँवाकर आँख का पानी?

मोल समझो

बात का यह है न बेमानी....



लाश का

व्यापार करते शर्म ना आई.

बेहतर… Continue

Added by sanjiv verma 'salil' on July 1, 2010 at 8:30am — 3 Comments

Monthly Archives

2013

2012

2011

2010

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post आदमी क्या आदमी को जानता है -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई रवि जी सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति का संज्ञान देर से लेने के लिए क्षमा चाहता.हूँ।…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय अशोक भाईजी "
Friday
Ashok Kumar Raktale posted blog posts
Friday
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"नव वर्ष  की संक्रांति की घड़ी में वर्तमान की संवेदनहीनता और  सोच की जड़ता पर प्रहार करता…"
Friday
Sushil Sarna posted blog posts
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । "
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दु पर सहमत…"
Friday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service