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Ram Ashery's Blog – January 2017 Archive (2)

मधुमक्खी

फूलों को प्यार से सुनाती है प्रेम धुन

उन्हीं पर लुटाती अपना सर्वस्य जीवन

बदले में फूलों को देती है नया जीवन

निभाते हैं रिश्ता ये दोनों सारा जीवन ॥

जो फूल हमारे जीवन लाते हैं खुशियाँ

मिटा देते गम भर देते हैं सारी खुशियाँ

भौरें और तितलियाँ बजाती हैं तालियाँ

बदले में जीवन भर करते हैं रंगरेलियाँ ॥

हम इंसानों को नहीं है जरा भी शरम

हम इन फूलों के प्रति कितने बेरहम

फूल तो क्या !कलियों पर नहीं रहम

कहीं भगवान के नाम पर करते…

Continue

Added by Ram Ashery on January 20, 2017 at 9:00pm — 6 Comments

समय की नजाकत

 कल हमारे समाज का सबसे श्रेष्ठ तबका ,

जो साक्षर कहलाते, आज निरक्षर हो गए ।

कूप मंडूप को ही जीवन का लक्ष्य समझा

आविष्कार कर न सके, वे गुलाम हो गए ।

समय की नजाकत को जिसने नहीं समझा,

ज्ञान का डंका बजाते, वे आज पीछे रह गए ।

इस बदलते जमाने में अपने को अलग रखा

विज्ञान के इस युग में वे अज्ञानी हो गए ।

खुद को सर्वश्रेष्ठ और दूसरों को मूर्ख समझा

वे दुनिया की इस दौड़ में सब पीछे रह गए ।

साथियों समय बदल रहा, नजाकत को समझो,

तुम…

Continue

Added by Ram Ashery on January 14, 2017 at 12:00pm — 4 Comments

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