For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पंकजोम " प्रेम "
  • 23, Male
  • भिवानी , हरियाणा
  • India
Share

पंकजोम " प्रेम "'s Friends

  • surender insan
  • Ravi Shukla
  • गिरिराज भंडारी

पंकजोम " प्रेम "'s Groups

 

पंकजोम " प्रेम "'s Page

Latest Activity

Gajendra shrotriya commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
" बहुुुत उम्दा खयाल  बुने हेै आ० पंकजोम जी । बहुुुत बधाई आपकाो  इस ग़ज़ल के  लिए।"
Dec 8
Ajay Tiwari commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"आदरणीय पंकज जी, ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाईयाँ. 'यूँ तो वो मेरी ग़ज़ल पर " वाह " करता था नहीं' की जगह  'यूँ कभी मेरी ग़ज़ल पर दाद उसने दी न थी' भी एक संभावित मिसरा हो सकता है. सादर "
Dec 7
Sheikh Shahzad Usmani commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"बहुत ही विचारोत्तेजक ग़ज़ल सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब पंकजोम ' प्रेम' साहिब।"
Dec 4
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"बेहद शुक्रगुज़ार हूँ आपके आशिर्वाद का आ0 afroz shar जी ...."
Dec 4
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"बेहद शुक्रगुज़ार हूँ आपके आशिर्वाद का आ0 दादा मनोज जी .... आ0 दादा dr पवन जी ...."
Dec 4
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"बेहद शुक्रगुज़ार हूँ आपके आशिर्वाद का आ0 दादा samar kabber जी ..... आ0 भाई सुरेन्द्र जी ...."
Dec 4
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"बेहद शुक्रगुज़ार हूँ , आपके आशिर्वाद का आदरणीय दादा mohammad arif जी ..."
Dec 4
Samar kabeer commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"जनाब पंक्जोम'प्रेम' साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । कुछ बातें आपके संज्ञान में लाना चाहूँगा :- मतले का ऊला मिसरा अगर यूँ कर लें तो मफ़हूम बिल्कुल साफ़ हो जाएगा :- 'ज़िन्दगी में फिर वहाँ बचपन मेरा हँसता…"
Dec 4
Afroz 'sahr' commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"आदरणीय पंकजोम जी इस रचना पर बधाई आपको, हुस्न ए मतला का सानी मिसरा बह्र में नहीं है। कई मिसरों में शिल्प कमज़ोर है, ग़ज़ल को थोड़ा और वक़्त दीजिएगा सादर,,,"
Dec 4
पंकजोम " प्रेम "'s blog post was featured

" बच्चा सोता मिला "

बहर - 2122 2122 2122 212जिंदगी में फिर मुझे बचपन मेरा हँसता मिला ......जब हुआ बटवारा तो माँ का मुझे कमरा मिला ........आज़माये थे बहुत पर शख्स हर झूठा मिला ,तेरे रूप में यार मुझको एक आईना मिला .......राह में मैंने लिखा देखा था जिस पत्थर पे माँ ......लौट कर आया तो इक बच्चा वहाँ सोता मिला ......बुझ गये थे दीप सारे प्यार के उस बस्ती मेंदर्द का इक दीप मुझको फिर वहाँ जलता मिला .......जी रही थी वो फ़क़त सच्ची मुहब्बत के लिए ,पर उसे जो भी मिला वो ज़िस्म का प्यासा मिला ........यूँ तो वो मेरी ग़ज़ल पर " वाह "…See More
Dec 4
Mohammed Arif commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"आदरणीय पंकजोम जी आदाब, अच्छे ख़्यालातों से गूँथी बेहतरीन ग़ज़ल । हर शे'र उम्दा । दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
Dec 3
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"आद0 पंकजोम जी सादर अभिवादन, उम्दा गजल कही आपने, उसके लिए दाद और मुबारकबाद पेश करता हूँ। मतले के ऊला में "मुझे बचपन मेरा हँसता" इसमें मुझे और मेरा दोनों का एक साथ प्रयोग थोड़ा खटक रहा है। हो सकता है मैं गलत भी हूँ। शेष औरो की रॉय का मुझे भी…"
Dec 3
डॉ पवन मिश्र commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"बेहद उम्दा"
Dec 3
Manoj kumar shrivastava commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " बच्चा सोता मिला "
"आदरणीय प्रेम जी बहुत ही अच्छी रचना है, बधाई स्वीकार करें।"
Dec 3
पंकजोम " प्रेम " posted a blog post

" बच्चा सोता मिला "

बहर - 2122 2122 2122 212जिंदगी में फिर मुझे बचपन मेरा हँसता मिला ......जब हुआ बटवारा तो माँ का मुझे कमरा मिला ........आज़माये थे बहुत पर शख्स हर झूठा मिला ,तेरे रूप में यार मुझको एक आईना मिला .......राह में मैंने लिखा देखा था जिस पत्थर पे माँ ......लौट कर आया तो इक बच्चा वहाँ सोता मिला ......बुझ गये थे दीप सारे प्यार के उस बस्ती मेंदर्द का इक दीप मुझको फिर वहाँ जलता मिला .......जी रही थी वो फ़क़त सच्ची मुहब्बत के लिए ,पर उसे जो भी मिला वो ज़िस्म का प्यासा मिला ........यूँ तो वो मेरी ग़ज़ल पर " वाह "…See More
Dec 3
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " शायरी "
"आपके आशिर्वाद का दिल से शुक्रगुज़ार हूँ , आ0 दादा समर कबीर जी , अफरोज़ जी , उस्मानी जी ..... और निखार लाने का प्रयास करता हूँ"
Nov 22

Profile Information

Gender
Male
City State
भिवानी , हरियाणा
Native Place
भिवानी
Profession
छात्र
About me
बेचकर अपनी ख़ुशी मेरे पिता ने .... ज़िंदगानी है मेरी जन्नत बनाई .......पंकजोम " प्रेम "

पंकजोम " प्रेम "'s Blog

" बच्चा सोता मिला "

बहर - 2122 2122 2122 212



जिंदगी में फिर मुझे बचपन मेरा हँसता मिला ......

जब हुआ बटवारा तो माँ का मुझे कमरा मिला ........



आज़माये थे बहुत पर शख्स हर झूठा मिला ,

तेरे रूप में यार मुझको एक आईना मिला .......



राह में मैंने लिखा देखा था जिस पत्थर पे माँ ......

लौट कर आया तो इक बच्चा वहाँ सोता मिला ......





बुझ गये थे दीप सारे प्यार के उस बस्ती में

दर्द का इक दीप मुझको फिर वहाँ जलता मिला .......





जी रही थी वो फ़क़त सच्ची… Continue

Posted on December 3, 2017 at 1:23pm — 13 Comments

" शायरी "

वजन - 212 212 212 212



..... " शायरी " .........



मेरे रुख़ की हँसी कौन है , शायरी .....

मेरी जां जिंदगी कौन है , शायरी ....



बेवफ़ाओं के पत्थर दिलों में यहाँ

कील बनकर चुभी कौन है , शायरी.......



ऊँचे उड़ते दिखे है परिंदे , मगर

इन से ऊँची उड़ी कौन है , शायरी ...



मैं अकेला नहीं जागता रातभर

संग फिर जागती कौन है , शायरी ....



ग़म भरे तम दिलों में मेरे दोस्तों

दीप बनकर जली कौन है , शायरी ....



अपने है , दोस्त… Continue

Posted on November 21, 2017 at 7:12pm — 4 Comments

" पर्दा हटाना हो गया "

बहर - 2122 2122 2122 212



एक तितली का चमन मे आना जाना हो गया .....

देख ..उसको एक गुल यारों दिवाना हो गया ....



उनकी हर तस्वीर मेरे दिल मे धुँधली हो गई

उनको .. देखें दोस्तों जो इक ज़माना हो गया ....



देख मुझको वो मुसलसल मुस्कुराती ही रही

क्या.... सही मेरी निग़ाहों का निशाना हो गया ....



एक बच्चा खा रहा था कूड़े से जूठन , उसे

देखकर ....मेरे लबों से दूर दाना हो गया ..



जी , शहद जितनी मुझे हर पल मिठास आने लगी

अपना रिश्ता लगता… Continue

Posted on October 22, 2017 at 7:30pm — 16 Comments

" उसको कहते किसान है यारों "

" उसको कहते किसान है यारों "



बहर - 2122 1212 22/112





सबसे जो मूल्यवान है यारों ....

उसको कहते किसान है यारों ....



मौला महफ़ूज आप सब को रखें

आप .....भारत कि शान है यारों ..



फेक दी जिसने बेटी कचरे में

माँ वो कितनी महान है यारों ...



जिंदगी से कहीं ज़ियादा , क्यों

प्यारा लगता श्मशान है यारों ...



झूठ देखों यहाँ पे चीखे और

सच... बना बेजुबान है यारों ...



तीर बस प्यार का चले जिस से

आप...... ऐसी… Continue

Posted on September 30, 2017 at 7:30pm — 3 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 4:53pm on August 8, 2017, surender insan said…
भाई पँकज जी आदाब। स्वागत है आपका obo परिवार में जी।
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post मृत्यु भोज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीता कसार जी।"
1 minute ago
Kalipad Prasad Mandal posted a blog post

ग़ज़ल -राह सब दुर्गम, लिखाई में है’ आसानी मुझे-कालीपद 'प्रसाद'

काफिया आनी : रदीफ़ :मुझेबह्र :२१२२ २१२२  २१२२  २१२राह सब दुर्गम, लिखाई में है’ आसानी मुझेइन…See More
37 minutes ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी बहुत खूबसूरत ग़ज़ल हुई है।बधाई"
3 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय गोपाल भाईजी सरसी में चित्र को साकार कर दिया आपने। चित्र के अनुरूप सुंदर शब्दों और भावों से…"
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सुरेश भाईजी चित्र के अनुरूप सुंदर शब्दों और भावों से युक्त इस सरसी छंद के लिए मेरी हार्दिक…"
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी चित्र के अनुरूप सुंदर शब्दों और भावों से युक्त इस सरसी छंद के लिए मेरी हार्दिक…"
10 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी रचना की प्रशंसा के लिए आपका हृदय से धन्यवाद आभार। उम्मीद है अब आप सभी उत्सवों में…"
11 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"सरसी छंद     खंडहरों सा घर है कोई , पत्थर की दीवार | लगा सामने बँगलों जैसा, ऊँचा सा इक…"
11 hours ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल -गीत कुछ वस्ल और अलगाओं की’ भी गानी मुझे-कालीपद 'प्रसाद'
"आदरणीय समर कबीर साहिब , कुछ सुधार कर फिर पेश करता हूँ | कृपया एक नज़र डालें |"
12 hours ago
Nita Kasar commented on TEJ VEER SINGH's blog post मृत्यु भोज - लघुकथा –
"परंपरायें जब बेडिया बन जायें तो तब उन्है तोड़ देना बेहतर ।उम्दा कथा के लिये बधाई आद० तेजवीर सिंह जी…"
13 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब ,आपकी सुन्दर प्रतिक्रिया और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया ।"
13 hours ago
सुरेश कुमार 'कल्याण' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 80 in the group चित्र से काव्य तक
"सरसी छंद --------------- पथरीली सी इन राहों में,पथरीला सा गाँव। गलियों में जब लगती ठोकर,घायल होते…"
13 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service