For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Shashi Ranjan Mishra's Discussions (5)

Discussions Replied To (15) Replies Latest Activity

"अम्बरीश जी, सौरभ भैया आपलोगों का धन्यवाद मेरी गलतियाँ सुधारने के लिए... ना चाहते हुए…"

Shashi Ranjan Mishra replied May 20, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"छीन गयी वो वन की सुषमा हरीतिमा थी जो चहुँ ओर मलय पवन के शीतल झोंके  और झरनों का सरस…"

Shashi Ranjan Mishra replied May 20, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"धन्यवाद गणेश भाई... :-)"

Shashi Ranjan Mishra replied May 19, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"बहुत बहुत धन्यवाद... यहाँ जो "नृत्य मगन भय ..." में भय का भाव भयभीत नहीं बल्कि  "होन…"

Shashi Ranjan Mishra replied May 19, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आचार्य जी, इस काव्य सुधा मे मैं कुच्छ ऐसा बहा की कभी गुप्त जी की भारत भारती के च्चन्…"

Shashi Ranjan Mishra replied May 18, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"वाह जी वाह... अलंकारों का क्या बढ़िया उपयोग किया है | मज़ा आ गया... बधाई .... :-)"

Shashi Ranjan Mishra replied May 18, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"हाइकु के लिए धन्यवाद |"

Shashi Ranjan Mishra replied May 18, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"बहुत बहुत धन्यवाद संजय भाई"

Shashi Ranjan Mishra replied May 18, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"बहुत बहुत धन्यवाद भाई"

Shashi Ranjan Mishra replied May 18, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"सर आपके द्वारा मेरी कविता का नज़रो करम हुआ मैं कृतार्थ हुआ |"

Shashi Ranjan Mishra replied May 18, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक-२(Now Close)

914 May 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Jul 24
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
Jul 20
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service