For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

O.B.O एक अच्छा मंच  है अपनी रचनाओं को प्रदर्शित करने के लिए किन्तु किसी भी रचना में कोई keyword  ना होने से रचनायें केवल इसी मंच तक सीमित हैं। और मंच से तो कहने को तीन हजार  से अधिक सदस्य हैं किंतु लगभग कुछ ही  लोग नियमित हैं बाकी तो दिखने की भीड़ हैं

Views: 127

Replies to This Discussion

भाई रोहित जी, ज़रा गौर से देखें ओबीओ पर प्रकाशित किसी भी रचना को शेयर करने की सुविधा मौजूद है. आप अपनी रचना को सोशल मीडिया पर आसानी से शेयर कर सकते हैं. कम लोगों का मंच पर सक्रिय होना वाक़ई एक चिंता का विषय है.  

भाई रोहित जी मंच के सभी सदस्य जब भी समय मिलता है मंच पर आ जाते हैं,आप अपनी सक्रियता के बारे में क्या कहते हैं?

जी समर जी मैं भी समय समय पर अपनी उपस्थिति देता रहता हूँ....  और सही कहूँ तो मैं अपनी साइट पर थोड़ा व्यस्त था कुछ दिनों से 

आप आज्ञा दे तो साइट का लिंक लिख दूँ  आप  देख लेंगे तो मार्गदर्शन मिलेगा

रोहित जी,मुझे तो ओबीओ से ही फ़ुर्सत नहीं मिलती,आप अगर मेरी कुछ मदद चाहते हैं तो आपको ओबीओ पर ही आना होगा ।

सर सोशल मीडिया पर शेयर करना और कीवर्ड दोनों अलग हैं ...गूगल पर आप सर्च  करते हैं जैसे gazal shayri या shayri यह एक कीवर्ड होता है जिसके किसी भी रचना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाया जा सकता है..आप इस बारे में अपने वेब डेवलपर्स से चर्चा कर सकते हैं 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post अपनों का दर्द- लघुकथा
"इस प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार आ मुहतरम जनाब समर कबीर साहब"
4 minutes ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post अपनों का दर्द- लघुकथा
"इस प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार आ सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी"
5 minutes ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post कसक- लघुकथा
"इस प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार आ Mahendra Kumar जी"
6 minutes ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post कसक- लघुकथा
"इस प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत आभार आ सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी"
7 minutes ago
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

"अज़ीम शख़्स की दास्तां"

जब वो कहता है तो वो कहता है रोक पाता नहीं उसे कोई , उसके आगे ना रंक, राजा है , कंठ में कोयल सा उसके…See More
1 hour ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़ज़ल: न हसरतों से ज़ियादा रखें लगाव कभी ...(१२ )
"Mahendra Kumar जी ,आपकी स्नेहिल सराहना से अभिभूत हूँ | सादर नमन | "
2 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़ज़ल: ख़त्म इकबाल-ए-हुकूमत को न समझे कोई (१४)
"Md. anis sheikh साहेब  बे'पनाह, मुहब्बतों, नवाज़िशों का दिल से बे'हद शुक्रिया !…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़ज़ल: ख़त्म इकबाल-ए-हुकूमत को न समझे कोई (१४)
"//वाह वाह इस्लाह पर ही दाद क़ुबूल फरमाएं// बहुत शुक्रिया जनाब,महब्बत है आपकी । "
2 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़ज़ल: पांचों घी में रहती है जब सरकारी कारिन्दों की.............(१३)
"स्नेहिल सराहना के लिए हार्दिक आभार भाई Mahendra Kumar जी सादर नमन | "
2 hours ago
Mahendra Kumar posted a blog post

ग़ज़ल : कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखो

बह्र : 2122 1122 1122 22कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखोआओ बैठो यहाँ पे हश्र हमारा देखोकैसे हिन्दू…See More
2 hours ago
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखो
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय मोहम्मद अनीस शेख़ जी. आदरणीय समर कबीर सर से हम सभी को बहुत कुछ सीखने को…"
2 hours ago
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : कैसे बनता है कोई शख़्स तमाशा देखो
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय सुरेन्द्र जी. हार्दिक आभार. सादर."
2 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service