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डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's Discussions (3,036)

Discussions Replied To (25) Replies Latest Activity

"आ० गहलौत जी, आपका सदर आभार I "

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Oct 12, 2019 to फर्क है ग़ज़ल  और छंद के मात्रिक विधान में     :: डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव

3 Jun 6, 2020
Reply by Saurabh Pandey

"आ० वामनकर जी आपका बहुत बहुत आभार ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Apr 27, 2015 to अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"आदरणीय छाया जी सादर आभार ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Apr 27, 2015 to अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय  सौरभ जी आपने जो उदहारण दिया है उसकी अंतिम दो पंक्तियों में प्रवाह बाधित प्रत…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to कुकुभ छन्द के मूलभूत सिद्धांत // - सौरभ

5 Feb 20, 2015
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी  आपने मनहरण घनाक्षरी  को बहत स्पष्ट रूप से और विस्तार  से बताया  I  श…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Nov 3, 2014 to मनहरण घनाक्षरी के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

8 Feb 21, 2016
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी आपने बड़े सलीके से समझाया  i आशंकाये  निर्मूल हुयी  i सादर i "

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Nov 3, 2014 to हरिगीतिका छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

24 Dec 6, 2019
Reply by Dr.Prachi Singh

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"आदरणीय  सौरभ जी मैथिलीशरण गुप्त  का उदाहरण देकर आप् ने  सर्वथा  नयी  जानकारी दी i सा…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Oct 31, 2014 to हरिगीतिका छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

24 Dec 6, 2019
Reply by Dr.Prachi Singh

"आदरणीय विजयजी आपके इस दुलार का अभारी हूँ i"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Sep 22, 2014 to अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सदस्य टीम प्रबंधन

"अरे आदरनीय कहाँ गड़बड़ा गये i यह छंद आदरणीय सौरभ जी का है i मुझे काँटों  में न घसीटे अ…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Sep 14, 2014 to भुजंगप्रयात छन्द // --सौरभ

35 Sep 14, 2014
Reply by Dr. Vijai Shanker

"आदरणीय वर्मा जी आपसे आज फोनिक वार्ता भी हुयी i इस लेख को आपने पसंद किया i एतदर्थ बहु…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Sep 11, 2014 to विभावन-व्यापार में साधारणीकरण की प्रक्रिया

3 Apr 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

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"/रूह*हर दर्द अपना भुलाती रही// यूँ कहें तो:- 'रूह के पार मुझको बुलाती रही वाह वाह आदरणीय समर…"
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Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post ग़ज़ल- रूह के पार ले जाती रही
"//रूह*हर दर्द अपना भुलाती रही// यूँ कहें तो:- 'रूह के पार मुझको बुलाती रही'"
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सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
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""आ. भाई अमीरूद्दीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक…"
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