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भारतीय छंद विधान Discussions (68)

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कामरूप छंद // --सौरभ

आज हम कामरूप छंद पर चर्चा करते हैं. इसे वैताल छंद के नाम से भी जाना जाता है.   यह 26 मात्राओं के चार पदों का छंद है.  दो-दो पदों पर तुकान्त…

Started by Saurabh Pandey

14 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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वीर छंद या आल्हा छंद

वीर छंद दो पदों के चार चरणों में रचा जाता है जिसमें यति १६-१५ मात्रा पर नियत होती है. छंद में विषम चरण का अंत गुरु (ऽ) या लघुलघु (।।) या लघ…

Started by Saurabh Pandey

5 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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उल्लाला छन्द // --सौरभ

हम दोहा के नियमों को अच्छी तरह से देख-समझ चुके हैं जोकि अर्द्धसममात्रिक छन्द है. इसके विषम चरण में 13 मात्राएँ होती हैं जबकि इसके सम चरण की…

Started by Saurabh Pandey

13 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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शक्ति छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

चार पदों तथा दो-दो पदान्तता वाले शक्ति छन्द में प्रति पद कुल अट्ठारह मात्राएँ होती हैं. छन्द परम्परा के अनुसार - १. इस छन्द में पद का प्रा…

Started by Saurabh Pandey

10 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

तोमर छंद

तोमर छंद (परिभाषा ) तोमर छंद एक मात्रिक छन्द है जिसके प्रत्येक चरण में १२ मात्राएँ होती हैं |  पहले और दुसरे चरण के अन्त में तुक होता है, औ…

Started by Er. Ambarish Srivastava

6 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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हरिगीतिका छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

इस पाठ में हम हरिगीतिका छन्द पर चर्चा करने जा रहे हैं. यह अवश्य है कि हरिगीतिका छन्द के विधान पर पहले भी चर्चा हुई है. लेकिन प्रस्तुत आलेख…

Started by Saurabh Pandey

25 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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गीतिका छंद

इस छंद के नाम पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. कारण कि, इसीसे मिलते-जुलते नाम का एक और छंद हरिगीतिका भी एक सुप्रसिद्ध छंद है. हम यहाँ ग…

Started by Saurabh Pandey

17 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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कुण्डलिया छंद : मूलभूत नियम

  कुण्डलिया एक विशिष्ट छंद है. यह वस्तुतः दो छंदों का युग्म रूप है. जिसमें पहला छंद दोहा, तो दूसरा छंद रोला होता है. यानि एक दोहा के दो पदो…

Started by Saurabh Pandey

9 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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चौपाई : मूलभूत नियम

  प्रति चरण सोलह-सोलह मात्राओं का ऐसा छंद है जिसके कुल चार चरण होते हैं. यानि प्रत्येक चरण में सोलह मात्रायें होती हैं. चौपाई के दो चरणों क…

Started by Saurabh Pandey

22 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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रोला छंद : मूलभूत नियम

  रोला छंद भी मात्रिक छंद ही है. रोला छंद के चार पद और आठ चरण होते हैं. लेकिन इसका मात्रिक विधान दोहे के विधान का करीब-करीब विपरीत होता है.…

Started by Saurabh Pandey

3 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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"प्रस्तुत रचना को रूपमाला छंद पर लिखा गया है। इस छंद के प्रयोग और विधान का जितना मुझे पता लग सका उसे…"
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"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
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मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
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 आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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Saurabh Pandey posted a blog post

नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ

   जिस-जिस की सामर्थ्य रही है धौंस उसी की एक सदा से  एक कहावत रही चलन में भैंस उसीकी जिसकी लाठी…See More
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Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आपने कहे को सस्वर किया इस हेतु धन्यवाद, आदरणीय  //*फिर को क्यों करने से "क्यों "…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना को आपने अनुमोदित कर मेरा उत्साहवर्धन किया, आदरणीय विजत निकोर जी हार्दिक आभार .. "
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Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
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